Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Black Sea Ship Attack: ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज पर हमला, भारतीय नाविक की मौत; भारत सरकार ने जताई स... Petrol Diesel Price Today: $100 के पार हुआ कच्चा तेल! 25 जुलाई को क्या हैं आपके शहर में पेट्रोल-डीजल... Google Account New Feature: पासवर्ड भूलने पर भी नहीं होगी टेंशन! Google ने लॉन्च किया 'Selfie Video'... Pendulum Wall Clock Vastu: सोई हुई किस्मत जगा देगी पेंडुलम वाली घड़ी! जानें लगाने की सही दिशा और वास... Bad Cholesterol Causes: बैड कोलेस्ट्रॉल को न समझें मामूली, ये 5 आदतें बना सकती हैं आपको दिल का मरीज;... Makrana News: नागौर में भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा, ढहीं मकराना की 12 मार्बल खदानें; जाखली मार्ग प... Rajasthan Crime News: जयपुर में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला रूबिया, मांग में सिंदूर और मंगलसूत्र पहन ... Amarnath Yatra 2026 Resumed: 6 दिनों के इंतजार के बाद अमरनाथ यात्रा फिर शुरू; भगवती नगर से 6,269 तीर... NEET Paper Leak News: वांगचुक का अनशन खत्म, CJP से बातचीत; NEET धांधली रोकने को फास्ट ट्रैक कोर्ट और... Mohan Bhagwat News: 'युवाओं को अब आदेश नहीं दे सकते, उनसे संवाद जरूरी', दिल्ली में बोले संघ प्रमुख म...

CG Assembly Session 2026: धान खरीदी और उठाव के मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा, विपक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों का बहिर्गमन; देखें कांकेर का रिकॉर्ड

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में धान खरीदी को लेकर कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने सवाल पूछा. छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2025-26 की धान खरीदी को लेकर बस्तर संभाग के जिलों की स्थिति पर सवाल उठाया गया. प्रश्न में खाद्य मंत्री से पूछा गया कि बस्तर संभाग के जिलों में धान खरीदी के लिए कितने किसान पंजीकृत हैं, धान खरीदी का निर्धारित लक्ष्य क्या है और वास्तविक उपलब्धि कितनी रही. साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई कि कितने किसानों ने पहली किस्त में धान जमा किया, कितने किसानों ने दूसरी किस्त में धान बेचा और कितने किसान ऐसे रहे जो धान नहीं बेच पाए.

कांग्रेस विधायक ने जिलावार मांगी जानकारी

विधायक लखेश्वर बघेल ने ये जानकारी जिलावार उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि धान खरीदी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. इसके साथ ही पूरक प्रश्न में यह भी पूछा गया कि धान खरीदी के बाद धान के उठाव की वर्तमान स्थिति क्या है. विशेष रूप से यह जानकारी मांगी गई कि बस्तर संभाग के जिलों में कस्टम मिलरों और परिवहनकर्ताओं ने अब तक कितना धान उठाया गया है और कुल उठाव की जिला-वार स्थिति क्या है.

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने दी जानकारी

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी के बाद धान उठाव की स्थिति सामने आई है. राज्य के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की दी गई जानकारी के अनुसार 19 फरवरी 2026 तक बस्तर संभाग के जिलों में कस्टम मिलर्स और परिवहनकर्ताओं ने धान का उठाव किया है. जारी आंकड़ों के अनुसार बस्तर जिले में कस्टम मिलर्स ने 14,474.49 मीट्रिक टन और परिवहनकर्ताओं ने 32,372.37 मीट्रिक टन धान उठाया किया. इससे कुल उठाव 46,846.86 मीट्रिक टन रहा.

बीजापुर जिले में कुल 21,888.59 मीट्रिक टन धान का उठाव हुआ, जिसमें कस्टम मिलर्स ने 14,165.95 मीट्रिक टन और परिवहनकर्ताओं ने 7,722.64 मीट्रिक टन धान उठाया.

दंतेवाड़ा जिले में कुल 9,757 मीट्रिक टन धान का उठाव दर्ज किया गया। वहीं कांकेर जिले में सबसे अधिक धान उठाव हुआ है। यहां कस्टम मिलरों द्वारा 79,228.06 मीट्रिक टन और परिवहनकर्ताओं द्वारा 68,300.26 मीट्रिक टन धान उठाया गया, जिससे कुल उठाव 1,47,528.30 मीट्रिक टन रहा।

कोंडागांव जिले में कुल 58,911.78 मीट्रिक टन धान उठाव हुआ, जिसमें कस्टम मिलरों का 12,859.74 मीट्रिक टन और परिवहनकर्ताओं का 46,052.04 मीट्रिक टन योगदान रहा.

नारायणपुर जिले में कुल 17,383.06 मीट्रिक टन धान उठाया गया, जबकि सुकमा जिले में कुल 16,608.14 मीट्रिक टन धान का उठाव दर्ज किया गया. खाद्य मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग के जिलों में धान उठाव की प्रक्रिया लगातार जारी है और आवश्यकतानुसार परिवहन एवं मिलिंग की व्यवस्था की जा रही है.

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए.उन्होंने दावा किया कि जो किसान धान लेकर खरीदी केंद्रों तक पहुंचे, उनका धान खरीदा गया है.हालांकि मंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और सरकार पर धान खरीदी व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया.

भूपेश बघेल ने उठाया जबरिया रकबा समर्पण का सवालपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरते हुए पूछा कि कितने किसानों से रकबा समर्पण कराया गया है और उनमें से कितने किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी के नाम पर किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इस पर स्पष्ट जानकारी देने से बच रही है.कवासी लखमा का सवाल—धान खरीदेंगे या कर्ज माफ करेंगे?विधायक कवासी लखमा ने कहा कि कई किसानों को टोकन जारी होने के बावजूद धान बेचने का मौका नहीं मिला. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया और जिन पर कर्ज भी है, उनके साथ सरकार क्या करेगी.उन्होंने सरकार से पूछा कि किसानों का धान खरीदा जाएगा या फिर उनका कर्ज माफ किया जाएगा.

तीखी बहस के बाद विपक्ष का वॉकआउट

धान खरीदी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई. मंत्री के जवाब को विपक्ष ने रटारटाया बताते हुए इसे किसानों के साथ अन्याय करार दिया. अंततः सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे धान खरीदी का मुद्दा विधानसभा में पूरी तरह से गरमा गया.