Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नौकरी का सुनहरा अवसर: छत्तीसगढ़ सरकार के 'नवा बिहान' प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका, ₹18,000 तक वेतन; जा... हाहाकार! जशपुर में तेज रफ्तार का कहर: बस पलटने से बिछ गई लाशें, 25 यात्री घायल; अपनों को तलाशती रही ... बड़ी खबर: नेशनल हाईवे पर खूनी टक्कर, बलौदाबाजार के पास हादसे में 4 की मौत; अस्पताल में मची अफरा-तफरी... Bareilly Salman Suicide Case: बरेली के सलमान ने ढाबे में चाकू से रेत डाली अपनी ही गर्दन; चलती गाड़ी ... MP में जमीन विवादों पर नई व्यवस्था: संपदा पोर्टल से ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत, रजिस्ट्री से पहले दिखेग... बड़वानी को मिला '3D' फेम नया कप्तान; IPS पद्म विलोचन शुक्ला संभालेंगे कमान, अवैध हथियारों और चोरी पर... पूर्व विधायक अरुण वर्मा की विवादित टिप्पणी: होली को बताया 'घिनौना त्योहार', भगवान विष्णु और हिरण्यकश... MP BJP News Today: कांग्रेस से बीजेपी में आए काबिल नेताओं को मिलेगा बड़ा मौका; वीडी शर्मा ने संगठन म... बड़ी साजिश नाकाम! लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर था एमपी का यह बड़ा व्यापारी, 10 करोड़ न देने पर प... गोंगपा में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक! पार्टी विरोधी काम करने वालों की खैर नहीं, सिवनी के इन दिग्गज पदाधि...

करोड़ों की चपत और अब आफत! सुरेश कुटे और पत्नी अर्चना के ‘इन्वेस्टमेंट प्लान’ का खुला राज, 2467 करोड़ के घोटाले में फंसी जोड़ी

जालसाजी के मामले में एक और दंपति को गिरफ्तार किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्चना कुटे को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया है. इससे पहले उनके पति को भी गिरफ्तार किया गया था. यह जांच ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (Dnyanradha Multistate Co-operative Credit Society Ltd, DMCCSL) से कुटे ग्रुप की कंपनियों में फंड के कथित डायवर्जन से जुड़ी है.

कुटे दंपति को ईडी की ओर से 2,467 करोड़ रुपये की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. एजेंसी का दावा है कि इन कंपनियों का मालिकाना हक या कंट्रोल उनके और उनके पति सुरेश कुटे के पास है. क्रेडिट सोसाइटी पर हाई-रिटर्न डिपॉजिट स्कीम के जरिए हजारों निवेशकों को ठगने का आरोप है. अर्चना को 2 मार्च को ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के नियमों के तहत गिरफ्तार किया था. उन्हें 3 मार्च को मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें आगे की जांच के लिए 7 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया.

महाराष्ट्र के कई थानों में FIR

इससे पहले, जांच एजेंसी ने इस केस में उनके पति सुरेश कुटे को गिरफ्तार किया और मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी फाइल की, जिसने इस गड़बड़ी की बात सामने आई. ईडी की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच, मई और जुलाई 2024 के बीच महाराष्ट्र के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में इंडियन पीनल कोड (IPC) की ढेरों धाराओं के तहत दर्ज कई FIR पर आधारित है.

आईपीसी की इन धाराओं में सुरेश कुटे और कई अन्य लोगों पर DMCCSL के जरिए निवेशकों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का आरोप है.

निवेशकों के पैसों का हेराफरी

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में आरोप लगाया गया कि क्रेडिट सोसाइटी ने निवेशकों को 12 फीसदी से लेकर 14 फीसदी के हाई रिटर्न का वादा करके हाई-यील्ड डिपॉजिट स्कीम शुरू की थीं, और इस स्कीम के प्रति बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित भी हुए. हालांकि, कई निवेशकों को कथित तौर पर आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ क्योंकि सोसाइटी ने उनकी जमा राशि वापस नहीं की कर पाई या केवल आंशिक पेमेंट किया.

ईडी जांचकर्ताओं ने अपनी जांच में पाया कि क्रेडिट सोसाइटी से करीब 2,467 करोड़ रुपये के फंड को कुटे ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के एक ग्रुप को कथित लोन के रूप में डायवर्ट कर दिया गया, जिनका कथित तौर पर कुटे दंपति यानी सुरेश और अर्चना के पास मालिकाना हक या नियंत्रण है.

अधिकारियों ने बताया कि यह पैसा बिना सही डॉक्यूमेंटेशन, कोलैटरल सिक्योरिटी या एंड-यूज सर्टिफिकेशन के ही दिया गया था. बताया जाता है कि इस पैसे का सही बिजनेस कामों के लिए इस्तेमाल करने की जगह इन पैसों को अपने फायदे के लिए निकाल लिया गया या दूसरे फिर दूसरे बिजनेस में लगा दिया गया.

अब तक, जांच एजेंसी की ओर से इस केस को लेकर कई जगह छापेमारी की गई और कई प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं, जिससे करीब 1,621.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अटैच और सीज की गई है. मामले की जांच फिलहाल जारी है.