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हिसार में दबोचा गया ₹15,000 करोड़ के GST घोटाले का ‘किंगपिन’! 50 हजार का इनामी था मास्टरमाइंड

हिसार: नोएडा की एसटीएफ यूनिट ने 15 हजार करोड़ रुपए के चर्चित जीएसटी घोटाले में फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी को हरियाणा के हिसार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलदेव के रूप में हुई है। एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे उसके घर से दबोचा और बाद में नोएडा की सेक्टर 20 थाना पुलिस को सौंप दिया है।काफी समय से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी.

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी पर गौतमबुद्ध नगर कमिश्नररेट पुलिस की और से 50 हजार का इनाम घोषित था. वह सेक्टर 20 कोतवाली समेत अन्य थानों में दर्ज धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तीन मामलों में वांछित चल रहा था। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि बलदेव ने साल 2012 में पंजाब यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद हिसार में मेडिकल स्टोर खोला था।

कारोबार में अधिक मुनाफा न होने के कारण उसे स्टोर बंद करना पड़ा. इसके बाद वह 2014 में पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़ गया। इस दौरान उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी अर्चित गोयल से हुई. वह पुरानी कार खरीदने के सिलसिले से उसके संपर्क में आया था।पुलिस के अनुसार, पैसों के लालच में आकर बलदेव कथित रूप से जीएसटी फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़ गया था।

इस दौरान फर्जी फर्मो के जरिए इसने ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ का दुरुपयोग कर सरकार को हजारों करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नेटवर्क ने विभिन्न राज्यों में सेल कंपनियां बनाकर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिए और काल्पनिक लेनदेन दिखाकर टैक्स रिफंड और क्रेडिट का लाभ उठाया। एसटीएफ का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों बैंक खातों, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, सेल कंपनी और संदीप वित्त लेनदेन की गहनता से जांच की जा रही है. आशंका है कि इस नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और इसका दायरा राष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है ।

अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि नोएडा पुलिस को आरोपी की लंबे समय से तलाश थी. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में कार्रवाई के दौरान जब वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा तब उस पर 50 हजार रुपए का नाम घोषित किया गया था. एसटीएफ को हाल ही में सूचना मिली थी कि वह हिसार स्थित अपने घर पर मौजूद है. इसके बाद टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया ।