Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...

Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! ‘ऑपरेशन त्रासी’ के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे गए, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. करीब 326 दिनों तक चले लंबे अभियान के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर आतंकियों का सफाया किया है. सभी सात वांछित आतंकी मार गिराए गए हैं. इनमें 10 लाख रुपये का इनामी आतंकी सैफुल्ला भी शामिल हैं. ये सभी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े थे.

बताया जाता है कि सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन के तहत 326 दिनों तक कठिन पहाड़ी इलाके, कड़ाके की ठंड, बारिश और बर्फीले मौसम का सामना किया. इसके बाद भी जवान लगातार आतंकियों के पीछे लगे रहे. अधिकारियों के मुताबिक, यह सफलता मजबूत खुफिया जानकारी के कारण संभव हो पाई. सिविल और सैन्य खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एक पुख्ता इंटेलिजेंस ग्रिड तैयार किया था, जिसके आधार पर ऑपरेशन चलाया गया. सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने दुर्गम इलाके में आतंकियों को घेरकर कार्रवाई की.

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सफल हुआ ऑपरेशन

ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा बलों ने एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट तस्वीरें, आरपीए/यूएवी और बेहतर संचार सिस्टम की मदद से आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी. इससे जवानों को सटीक जानकारी मिलती रही और ऑपरेशन को आगे बढ़ाने में मदद मिली. इसी जानकारी का परिणाम है कि लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षा बलों ने घाटी में अशांति फैलाने वाले इन आतंकियों का सफाया करने में कामयाब रही.

ऑपरेशन त्रासी चलाकर आतंकियों को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में रविवार को ऑपरेशन त्रासी में जैश आतंकी सैफुल्लाह और उसके दो साथी ढेर मारे गए थे. आतंकियों के चेहरे बुरी तरह खराब हो चुके हैं. बताया जाता है कि तीनों आतंकी पिछले करीब 2 सालों से इलाके में सक्रिय थे. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जम्मू रीजन में अभी भी पाकिस्तान के 30 आतंकी सक्रिय हैं. सेना के जवान और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों को ट्रैक करने में जुटी हैं.

आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान

सेना के अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकियों में कुख्यात आतंकी सैफुल्ला और उसके साथी शामिल हैं. सुरक्षा बलों की लगातार कोशिश, धैर्य और सूझबूझ भरी कार्रवाई से आखिरकार पूरे आतंकी गिरोह को खत्म कर दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह कामयाबी जवानों के हौसले, बहादुरी और पेशेवर क्षमता को दिखाती है. उन्होंने साफ किया कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.