बम विस्फोटों, रक्तपात के दिनों में नहीं लौटेगाः हिमंता बिस्वा सरमा
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कांग्रेस पर वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
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नितिन नवीन ने बोर नामघर में मत्था टेका
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म्यांमार सीमा को सेना ने साफ किया
भूपेन गोस्वामी
आगामी असम विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गुवाहाटी स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने कांग्रेस द्वारा इमरान मसूद को स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य नियुक्त करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। मेधी ने मसूद को एक विवादास्पद नेता बताते हुए उन पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने और राष्ट्रविरोधी तत्वों का समर्थन करने के गंभीर आरोप लगाए।
मेधी ने 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मसूद की टिप्पणी और उनकी गिरफ्तारी का जिक्र किया। आरोप है कि मसूद ने दिल्ली बम विस्फोट के आरोपी का बचाव किया और एक पॉडकास्ट में हमास की तुलना शहीद भगत सिंह से कर भारतीय शहीदों का अपमान किया। भाजपा ने दावा किया कि मसूद ने वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर इसका विरोध कर राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।
निवर्तमान विधानसभा के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में 30 लाख बीघा जंगल की जमीन पर कब्जा हुआ, जिसमें से वर्तमान सरकार ने 1.5 लाख बीघा जमीन मुक्त कराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान आदिवासियों को परेशान नहीं किया गया, बल्कि उन्हें पट्टे दिए गए। सरमा ने जोर देकर कहा कि उनके कार्यकाल में राज्य हिंसा और बम विस्फोटों के काले दौर से बाहर निकल चुका है। उन्होंने वादा किया कि असम अब अपने हिंसक अतीत में नहीं लौटेगा।
इसी बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (क्षेत्रीय प्रभारी) नितिन नबीन ने तिनसुकिया के ऐतिहासिक बोर नामघर में मत्था टेका और स्थानीय समुदाय से संवाद किया। दूसरी ओर, सुरक्षा के मोर्चे पर भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक बड़े हिस्से को आईईडी मुक्त कर स्वच्छता अभियान चलाया, ताकि सीमा पर बाड़ लगाने का काम सुरक्षित रूप से फिर से शुरू हो सके।