Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
AAP Action: आम आदमी पार्टी ने 7 बागी राज्यसभा सांसदों पर लिया बड़ा एक्शन, सदस्यता रद्द करने के लिए स... Rahul Gandhi at Gargi College: 'Gen Z हमारा भविष्य', गार्गी कॉलेज की छात्राओं से और क्या बोले राहुल ... Arvind Kejriwal in Bengal: ममता के समर्थन में उतरे अरविंद केजरीवाल, बंगाल में बोले- यह लोकतंत्र बचान... धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: नागपुर में बोले- 4 बच्चे पैदा करें हिंदू, एक को बनाएं RSS का स्वयंसे... Thanthania Kalibari: कोलकाता के ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, जानें 300 साल पुराने इस मं... PM Modi in Bengal: बंगाल में ममता बनर्जी पर बरसे पीएम मोदी, कहा- 'मां, माटी और मानुष' के नाम पर हुए ... Viral News: बाहर से किताबें खरीदने पर भड़की प्रिंसिपल, अभिभावक को 10 बार बोला- ‘You Shut Up’, वीडियो... Ganga Expressway Inauguration: 29 अप्रैल को होगा गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, जानें 594 किमी लंबे प... Gumla News: गुमला में बारात से लौट रही गाड़ी पलटी, भीषण हादसे में 2 लोगों की मौत, शादी की खुशियां मा... Road Accident: बेटी की शादी के बाद लौटते समय दर्दनाक हादसा, मां-बाप और बेटे की मौत से परिवार उजड़ा

Supreme Court on Disability Pension: ‘रोज 10 बीड़ी पीने से आया स्ट्रोक’, पूर्व सैनिक की याचिका खारिज

दिव्यांग पेंशन की याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व सैनिक को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ये हालत उसकी खुद की वजह से हुई है. वह रोज 10 बीड़ी पीता है जिससे उसकी ऐसी हालत हुई है. वह अपने किए का खुद जिम्मेदार है.

याचिका पर जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले सुनवाई कर रहे थे. दरअसल, याचिकाकर्ता ने AFT यानी आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसले में बदलाव से इनकार कर दिया है और अपील खारिज कर दी. जस्टिस ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता को ब्रेन स्ट्रोक सैन्य सेवा से नहीं, बल्कि रोज 10 बीड़ी पीने की वजह से आश है.

कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में मुआवजा नहीं दिया जा सकता, जहां दिव्यांगता किसी व्यक्ति के अपने नियंत्रण की चीज से पैदा हुई हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने पेंशन रेग्युलेशन को देखकर फैसला दिया है. इसी वजह से AFT का फैसला बरकरार रहेगा.

जानें किस आधार पर याचिका की खारिज

जानकारी के मुताबिक, सर्वेश कुमार को ब्रेन स्ट्रोक आया था. ऐसा होने पर सर्वेश ने दिव्यांग पेंशन की मांग शुरू कर दी. उनका दावा है कि सैन्य सेवा के चलते उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया है और उनकी स्थिति ऐसे हुदर् है. उन्होंने दिव्यांग पेंशन की मांग को लेकर AFT में अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद सर्वेश सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. SC ने मेडिकल रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की राय पर गौर किया. जिसमें कहा गया था कि सर्वेश रोज 10 बीड़ी पीने की आदत थी, उसी वजह से वह इस हालत में पहुंचा है. सैन्य सेवा का इससे कोई लेन-देना नहीं है.

क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले ने कहा, ट्रिब्यूनल ने ‘पेंशन रेगुलेशन फॉर द आर्मी, 1961’ के नियम 173 और ‘गाइड टू मेडिकल ऑफिसर्स, 2002’ के पैरा 6 पर ध्यान दिया है. ये नियम स्पष्ट करते हैं कि यदि कोई विकलांगता या मृत्यु शराब, ‘तंबाकू’ या नशीली दवाओं के अत्यधिक सेवन या यौन संचारित रोगों के कारण होती है, तो उसके लिए मुआवजा नहीं दिया जा सकता. ऐसा इसलिए है क्योंकि ये चीजें व्यक्ति के स्वयं के नियंत्रण में होती हैं.