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छत्तीसगढ़ में सनसनी: अवैध खनन विरोधी अभियान के दौरान हत्या का आरोप, SDM और तीन अन्य पुलिस हिरासत में

बलरामपुर: बलरामपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान लाठियों से पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में एसडीएम और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों की पहचान कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ ​​अजय प्रताप सिंह, मनजीत कुमार यादव और सुदीप यादव के रूप में हुई है.

एसडीएम और तीन लोगों की पिटाई से ग्रामीण की मौत

बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया ” रविवार रात कुसुमी थाना में सूचना मिली कि तीन व्यक्तियों को कुसुमी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिसमें एक की मौत हो चुकी है. इसी मामले में कुसुमी पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के बाद कुसुमी एसडीएम करुण डहरिया, विक्की ऊर्फ अजय प्रताप सिंह, मनजीत यादव और सुदीप यादव हंसपुर जंगल में अवैध बॉक्साइट खनन के संदर्भ में कार्रवाई करने गए थे. इसी मामले में तीनों व्यक्तियों पर अवैध बॉक्साइट खनन का आरोप लगाते हुए उनके साथ गंभीर मारपीट की गई. इसके बाद तीनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इसी दौरान एक की मौत हो गई.”

एसडीएम गिरफ्तार, जांच जारी

एसपी ने बताया कि इस मामले में मर्ग कायम किया गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में एफआईआर की गई. चारों आरोपी कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ ​​अजय प्रताप सिंह, मनजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार किया गया. मामले में जांच जारी है.

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

इस घटना के बाद सर्व आदिवासी समाज, ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने सड़क जाम करने की कोशिश की और मृतक के परिवार के लिए मुआवजे के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसडीएम और अन्य लोगों ने ग्रामीणों पर तब हमला किया जब वे अपने खेतों की सिंचाई करके लौट रहे थे.पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं.

भूपेश का हमला

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को प्रशासनिक आतंकवाद करार दिया और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. एक्स पर पोस्ट पर बघेल ने लिखा “भाजपा के सुशासन के तहत व्याप्त ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर एक निर्दोष ग्रामीण को निशाना बनाया है. आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के SDM और नायब तहसीलदार ने 5-6 लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी. SDM और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं.

बघेल का आरोप

सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा. पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं.”

भाजपा ने किया बचाव

राजनांदगांव से भाजपा सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडे ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले की पूरी संवेदनशीलता से जांच कर रही है. उन्होंने कांग्रेस पर हर मामले में घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “लोग भूपेश बघेल के शासनकाल में फैली अराजकता को नहीं भूले हैं. सूरजपुर, कोंडागांव और गरियाबंद जैसी घटनाओं में कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोग शामिल रहे हैं. कांग्रेस पार्टी को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले आत्मनिरीक्षण करना चाहिए.”