बोकारो: जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के पिछरी दक्षिणी पंचायत स्थित सुईयाडीह गांव में सतेंद्र सोरेन का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. शव से कुछ दूरी पर जो मिला, उसने इस मामले को सीधे अवैध शराब माफिया से जोड़ दिया है.
शव से थोड़ी दूरी पर बड़े-बड़े प्लास्टिक ड्रम, शराब बनाने की सामग्री, नकली शराब के पैकिंग रैपर और भारी मात्रा में महंगी ब्रांडेड शराब की बोतलें एक साथ बरामद हुईं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वहां संगठित तरीके से नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी. पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके पर मौजूद सभी लोग फरार हो गए. इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री आखिर कब से चल रही थी? स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? ग्रामीणों में इन सब सवाल को लेकर आक्रोश है. लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं.
गौरतलब है कि घटनास्थल से सटा हुआ है फुसरो नगर परिषद क्षेत्र, जहां जल्द ही चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में इस खुलासे ने सियासी हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस अवैध नेटवर्क का पूरा सच सामने आएगा या मामला दबा दिया जाएगा.
मामले में पेटरवार थाना एवं जारीडीह थाना क्षेत्र की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी. इस संबंध में पेटरवार थाना प्रभारी राजू मुंडा ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर हम लोग यहां पहुंचे. इसी दौरान बगल में ही शराब के साथ-साथ शराब के पैकिंग रैपर और बोतल भी बरामद हुआ है. पूरी घटनाक्रम की जांच के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा.