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यूरोपीय संघ ने 90 अरब यूरो के पैकेज को दी मंजूरी

रूस से युद्धरत यूक्रेन को पुराने सहयोगियों से मदद मिली

कीवः यूरोपीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से आज का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है। यूरोपीय संसद ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक सत्र के दौरान यूक्रेन को आगामी दो वर्षों (2026-2027) के लिए 90 अरब यूरो (लगभग 97 बिलियन डॉलर) के वित्तीय सहायता पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

यह राशि न केवल यूक्रेन के लिए एक जीवनरेखा है, बल्कि यह रूस के खिलाफ युद्ध में यूरोप के अडिग संकल्प का सबसे बड़ा वित्तीय प्रमाण भी है। यह सहायता पैकेज ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन को अपनी अर्थव्यवस्था को ढहने से बचाने और युद्ध से तबाह हुए अपने बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने की सख्त जरूरत है।

यूरोपीय संघ के नेतृत्व ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि इस विशाल राशि का उद्देश्य केवल सैन्य शक्ति को बढ़ाना नहीं है। सहायता का एक बड़ा हिस्सा नागरिक पुनर्निर्माण के लिए आवंटित किया गया है। इसमें यूक्रेन के उन ऊर्जा ग्रिडों की बहाली शामिल है जो रूसी हमलों में नष्ट हो गए थे, ताकि देश में बिजली और हीटिंग की व्यवस्था सुचारू रहे।

इसके अतिरिक्त, इस फंड का उपयोग शिक्षा प्रणाली को बहाल करने, नए अस्पतालों के निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने में किया जाएगा। यह पैकेज यूक्रेन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में जीवित रखने और उसे धीरे-धीरे यूरोपीय संघ के आर्थिक मानकों के करीब लाने की एक सोची-समझी रणनीति है।

इस प्रस्ताव को पारित करना आसान नहीं था। मतदान के दौरान हंगरी जैसे कुछ सदस्य देशों ने अपनी पारंपरिक आपत्तियां दर्ज कराईं और सहायता राशि की मात्रा पर सवाल उठाए। हालांकि, यूरोपीय संघ के व्यापक हितों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए भारी बहुमत ने यूक्रेन के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस निर्णय को यूरोपीय एकता की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी और दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता यह संदेश देती है कि यूरोप अब इस संघर्ष के लंबे समय तक चलने की संभावना को स्वीकार कर चुका है और वह यूक्रेन को बीच मझधार में छोड़ने वाला नहीं है।

90 अरब यूरो जैसी बड़ी राशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए यूरोपीय संघ ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह सहायता राशि एक साथ नहीं, बल्कि किस्तों में जारी की जाएगी। प्रत्येक किस्त की निकासी से पहले यूक्रेन को भ्रष्टाचार विरोधी सुधारों और वित्तीय पारदर्शिता के कड़े मानकों को पूरा करना होगा। इसकी निगरानी के लिए एक विशेष उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सीधे ब्रुसेल्स को रिपोर्ट करेगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि यूरोपीय करदाताओं के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और यूक्रेन में प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिले।

यह निर्णय मास्को के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि पश्चिमी देशों की यूक्रेन थकान की उम्मीदें बेबुनियाद हैं। यह सहायता पैकेज न केवल यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में इसके यूरोपीय संघ में शामिल होने के मार्ग को भी प्रशस्त करेगा। यह दर्शाता है कि यूक्रेन अब केवल एक युद्धरत देश नहीं, बल्कि यूरोप के भविष्य के आर्थिक और सुरक्षा ढांचे का एक अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।