Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
'झुकती है दुनिया...': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर Gen-Z का जश्न, अभिजीत दीपके ने... Jantar Mantar NEET Protest: जंतर-मंतर पर भयंकर बवाल! 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 FIR दर्ज; 3... Bihar Bandh Patna Clash: पटना के डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों में झड़प; पथराव व लाठीचार्ज के ... NEET Paper Leak Movement: देशव्यापी हुआ नीट विरोध आंदोलन! दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड में पुलिस-छात्र... Education Minister Resignation Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र... Ranchi AISA Protest: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA... Jharkhand Teacher ACP MACP News: झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP और MACP का लाभ, हेम... Jharkhand Teacher Association Protest: ACP-MACP न मिलने पर भड़के झारखंड के प्राथमिक शिक्षक, सुप्रीम ... MP Bureaucracy Transfer List: एमपी में 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले; भास्कर लाक्षाकार बने इंदौर कमि... MP News Student Fast Track Court: सीएम मोहन यादव के ऐलान के बाद एक्शन में हाईकोर्ट; छात्रों के मामलो...

बांग्लादेश में फिर मची खलबली: जेल में बंद पूर्व हिंदू मंत्री रमेश सेन की संदिग्ध मौत, तनाव के बीच बड़ा खुलासा

बांग्लादेश के टॉप हिंदू नेताओं में से एक और पूर्व मंत्री रमेश चंद्र सेन की शनिवार को हिरासत में गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई. हालांकि कुछ लोग उनकी मौत को बांग्लादेश में और कस्टोडियल डेथ के रूप देख रहे हैं और यूनुस सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

सेन अपने मददगार स्वभाव और बेदाग राजनीतिक करियर के लिए जाने जाते थे और शेख हसीना के पतन के बाद जब बड़े नेता देश छोड़कर भाग रहे थे, वह अपने देश में ही रहे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया.

रमेश चंद्र सेन बांग्लादेश के पूर्व जल संसाधन मंत्री और पांच बार सांसद (MP) रह चुके थे, उन्होंने 2024 में अपना आखिरी चुनाव जीता था. jagonews24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें सुबह 9.10 बजे दिनाजपुर जिला जेल से दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में ले जाया गया और सुबह 9:29 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

कई बीमारियों से जूझ रहे थे सेन

सेन 85 साल के थे और कई बीमारियों का सामना कर रहे थे. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत जेल की स्थितियों को जानने वाले लोगों के मुताबिक उन्हें वह देखभाल नहीं मिल रही थी जिसके वे एक पूर्व मंत्री के तौर पर हकदार थे. उन पर हत्या सहित तीन आरोप लगाए गए थे.

बता दें कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद अवामी लीग (AL) नेताओं के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना के आरोप आम हो गए थे. बांग्लादेश में इनमें से कुछ मनगढ़ंत मामलों ने अपनी मनमानी के कारण लोगों को चौंका दिया है. पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है और उसे 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से बाहर रखा गया है.

अगस्त 2024 में गिरफ्तार हुए थे सेन

अगस्त 2024 में सेन की गिरफ्तारी की तस्वीरें आई थी, जिनमें उनके हाथ मवेशियों के लिए इस्तेमाल होने वाली रस्सियों से बंधे हुए थे और उन्हें पुलिस के पास ले जाया जा रहा था. बांग्लादेशी फेसबुक पर सेन की मौत की खबर शेयर कर रहे हैं और इसे ‘जेल में हत्या’ और ‘हिरासत में हत्या’ बताया. हिरासत में बीमार पड़ने के बाद कम से कम पांच टॉप अवामी लीग नेताओं की मौत हो चुकी है.

ढाका के कंटेंट क्रिएटर प्रदीप कुमार चौधरी ने फेसबुक पर लिखा, “मुझे पता है कि उनके बारे में भी बहुत सारी झूठी बातें फैलाई जाएगी. कहा जाएगा कि उनकी मौत बीमारी से हुई, लेकिन नहीं यह एक और हत्या है. यह उस नरसंहार का हिस्सा है जो 5 अगस्त 2024 से चल रहा है. उन सैकड़ों हत्याओं की लिस्ट में एक और नया नाम जुड़ गया है, रमेश चंद्र सेन.”