Janakpuri Accident Action: जनकपुरी हादसे में बड़ी कार्रवाई, दिल्ली जल बोर्ड के AE और JE समेत 3 अधिकारी सस्पेंड
दिल्ली के जनकपुरी इलाके गुरुवार देर रात गड्ढे में गिरकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई है. अब इस मामले में दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन सामने आया है. PWD विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा घटनास्थल का दौरा किया. एक्स पोस्ट करते हुए उन्होंने घटना पर दुख जताया है. साथ ही उन्होंने लिखा कि जेई सहित 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है. मामले की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी का गठन किया गया है.
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान पालम निवासी कमल के रूप में हुई है. कमल गुरुवार देर रात बाइक से घर लौट रहा था. इसी बीच रास्ते में जनकपुरी रोड पर दिल्ली जल बोर्ड ने एक गहरा गड्ढा खोद रखा था. उसके चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे. अंधेरे के कारण कमल बाइक सहित उसे गड्ढा जा गिरा. हैरानी की बात यह है कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह रात भर गड्ढे में ही पड़ा रहा.
गड्ढे में मिली लाश
मृतक के भाई ने बताया कि आखिरी बार कमल ने 10 मिनट में घर आने की बात कहीं थी, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटे. परिजन ने कमल की तलाश शुरू की. इसके बाद उन्होंने कई थानों के चक्कर भी लगाए, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला. अगले दिन परिवार को कमल की लाश गड्ढे में पड़े होने की होने की जानकारी मिली. इस बात का पता चलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
मंत्री प्रवेश वर्मा ने घटनास्थल दौरा किया
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक हंसता-खेलता परिवार गम में डूब गया है. अब इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने घटना को हादसा नहीं, बल्कि हत्या बताया है. इस घटना के बाद दिल्ली सरकारी एक्टिव मोड़ में आ गई है. PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया है.
AE-JE सस्पेंड
एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि जनकपुरी में उस एक्सीडेंट वाली जगह का दौरा किया, जहां सीवर लाइन का काम चल रहा था. इस दुखद घटना पर गहरा दुख है और हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं. एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, AE और JE को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. दिल्ली जल बोर्ड ने जिम्मेदारी तय करने के लिए एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है.