Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal News: बंगाल में 1 जून से महिलाओं को मिलेंगे ₹3000, शुभेंदु सरकार का 'अन्नपूर्णा भंडार' प... पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह Mira Bhayandar News: काशीमीरा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने पर बवाल, सरनाईक और मेहता आमने-सामने BRICS Meeting Delhi: दिल्ली में जुटेगा BRICS, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर होगी चर्चा Rewa News: तिलक के दौरान दूल्हे के अफेयर का खुलासा, शादी से मना करने पर लड़की पक्ष को दौड़ा-दौड़कर प... Secunderabad News: बीटेक छात्र यवन की हत्या का खुलासा, लड़की के पिता-भाई समेत 10 आरोपी गिरफ्तार UP BJP Meeting Lucknow: 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी BJP, लखनऊ में 98 जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक Katihar Crime News: कटिहार में मानवता शर्मसार, नाबालिगों को खूंटे से बांधकर पीटा, सिर मुंडवाकर जबरन ... Jamshedpur Triple Murder: जमशेदपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने पत्नी और दो बच्चों को उतार... मानव को अंगों को उगाने में मदद करेगा

मध्य प्रदेश की चांदी! केंद्रीय टैक्स और ग्रांट से मिलेंगे हजारों करोड़, विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल: एक फरवरी को पेश होने जा रहा केंद्रीय बजट मध्य प्रदेश के खजाने का आकार तय करेगा. केंद्र सरकार से मिलने वाले टैक्स और जीएसटी रिटर्न्स के रूप में हजारों करोड़ रुपये मिलने की संभावना है. अब तक केंद्र से मिलने वाली टैक्स हिस्सेदारी और अनुदान के आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय बजट के बाद राज्य की आय में लगातार इजाफा हुआ है. ऐसे में सवाल यह है कि कल के बजट से प्रदेश को कितना अतिरिक्त फायदा मिल सकता है और मौजूदा प्रवृत्ति बनी रही तो कुल रकम कहां तक पहुंच सकती है.

इस बार मिल सकते हैं हजारों करोड़ रुपये अतिरिक्त

यूथ इकानामिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय करों में मध्य प्रदेश का हिस्सा तेजी से बढ़ा है. जहां 2017-18 में यह करीब 51 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. 2025-26 के बजट अनुमानों में यह आंकड़ा पहले ही 1,11,662 करोड़ रुपये तक जाने का संकेत दे रहा है. यदि बजट में राज्यों के कर हिस्से या संग्रह अनुमान में थोड़ी भी बढ़ोतरी होती है, तो प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है.

मध्य प्रदेश से डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन

जीएसटी में योगदान और वापसी

जीएसटी के तहत मध्य प्रदेश ने केंद्र को बड़ी राशि दी है और बदले में उसे पर्याप्त हिस्सा भी मिला है. हालांकि कुछ वर्षों में रिटर्न शेयर में गिरावट भी दर्ज हुई है.

केंद्र से लौटे टैक्स में लगातार इजाफा

केंद्रीय करों और शुल्क के वितरण के तहत मध्य प्रदेश को मिलने वाली राशि में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

केंद्र से मध्य प्रदेश को मिला रिटर्न शेयर

कुल राजस्व प्राप्तियों में केंद्र की बड़ी भूमिका

वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 2,90,879 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. इसमें से 45 प्रतिशत यानी 1,30,556 करोड़ रुपये राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा, जबकि 55 प्रतिशत यानी 1,60,323 करोड़ रुपये केंद्र से प्राप्त होंगे. केंद्र से मिलने वाली राशि में 38 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से का है और 17 प्रतिशत हिस्सा अनुदान का है.

डायरेक्ट टैक्स में योगदान, लेकिन हिस्सेदारी में गिरावट

मध्य प्रदेश द्वारा केंद्र को दिए जाने वाले डायरेक्ट टैक्स की राशि में समय के साथ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सेदारी के प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है.

अनुदान से मिल सकता है सीधा फायदा

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार बीते कुछ सालों में केंद्र से मिलने वाले ग्रांट्स में भी लगातार इजाफा हुआ है. 2025-26 के लिए अनुदान 48,661 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. बजट में यदि सामाजिक, आदिवासी, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए विशेष पैकेज या नई ग्रांट स्कीम आती है, तो यह राशि और बढ़ सकती है. इसका सीधा असर राज्य की योजनाओं और खर्च करने की क्षमता पर पड़ेगा.

ये है जीएसटी और टैक्स रिटर्न का गणित

डॉ. देवेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश ने बीते वर्षों में जीएसटी के रूप में केंद्र को बड़ी राशि दी है. कई वर्षों में राज्य को योगदान से ज्यादा रिटर्न भी मिला है. यदि बजट में जीएसटी से जुड़े फार्मूले या मुआवजा व्यवस्था में राहत मिलती है, तो राज्य के खजाने में नकदी प्रवाह और मजबूत हो सकता है. बता दें केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, अनुदान और अन्य संसाधन हस्तांतरण को जोड़ें, तो 2025-26 में केंद्र से राज्य को मिलने वाली कुल राशि पहले ही डेढ़ लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचने के संकेत दे रही है. बजट में मामूली बदलाव या अतिरिक्त प्रावधान भी इसमें 10 से 15 हजार करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं.

केंद्रीय बजट से तय होगी अधोसंरचना की तस्वीर

यह बजट मध्य प्रदेश के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह आने वाले सालों में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की रफ्तार तय करेगा. विशेषज्ञों के अनुसार साल 2025-26 में केंद्रीय करों में मध्य प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. यह साल 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है. वहीं केंद्र से मिलने वाला अनुदान 46,661 करोड़ रुपये अनुमानित है. जो बीते साल की अपेक्षा 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.