Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Etah Road Accident: एटा में भीषण सड़क हादसा, सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने मारी टक्कर; 5 की मौत, ... Delhi Murder Case: शक के चलते पत्नी ने पति का घोंटा गला, जगतपुरी पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझाया ब... Gurugram Crime News: शादीशुदा प्रेमी का खौफनाक सच जानने की सजा, प्रेमिका को जिंदा जलाकर उतारा मौत के... Ujjain Crime News: पूर्व ससुराल में महिला के बाल काटे, जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया; 6 ... Ketan Agarwal Murder Case: हत्या की आरोपी सिया गोयल की 'बेशर्मी' कैमरे में कैद, मीडिया को दिखाया अश्... Anna Hazare RTI Protest: अन्ना हजारे की चेतावनी का असर, महाराष्ट्र सरकार ने RTI नियमों में विवादित ब... Himachal Monsoon News: हिमाचल में मानसून का कहर, 49 सड़कें और बिजली सेवाएं ठप; 6 जुलाई तक भारी बारिश ... Crude Oil Price Drop: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, 40 दिनों में 28% सस्ती; जानें आपके शहर मे... Lonavala Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़, मंगेतर सिया गोयल ने पॉलीग्राफी टेस्ट... Iran News: खामेनेई के पार्थिव शरीर को शहादत स्थल पर लाया गया, 4-5 जुलाई को होगा सार्वजनिक विदाई समार...

Haryana Voter List Update: हरियाणा में 29 लाख संदिग्ध मतदाताओं की पहचान, BLO अब घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन

चंडीगढ़:  हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर मतदाता सूचियों में 29 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनमें पिता-पुत्र के नाम समान हैं। निर्वाचन विभाग ने इन संदिग्ध मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है।

बीएलओ मतदाता सूची में दर्ज पते पर जाकर संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच में सही पाए गए लोगों का वोट बरकरार रहेगा, जबकि फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले साल नवंबर में हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं के सहारे भाजपा पर सरकार बनाने के आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने एक ब्राजीलियन माडल की तस्वीर भी दिखाई, जिसका नाम सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों पर वोटर लिस्ट में 22 जगह मौजूद था।

इसके अलावा एक अन्य महिला की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह फोटो हरियाणा में 100 स्थानों पर मतदाता सूचियों में अलग-अलग नामों से दर्ज है। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने आरोपों की जांच कराई तो आरोप सही नहीं निकले। हालांकि इस दौरान मतदाता सूचियों में 29 लाख लोग जरूर सामने आए, जिनमें मतदाता और उनके पिता का नाम एक ही है। इसलिए इन मतदाताओं की जांच कराई जाएगी।

एसआइआर की विधिवत घोषणा से पहले ही निर्वाचन विभाग अपनी तैयारियों में जुट गया है। करीब 21 हजार बीएलओ वर्ष 2002 के साथ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान करने में जुटे हैं। प्रदेश में दो करोड़ सात लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से एक करोड़ 21 लाख (58 प्रतिशत) मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है।

जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता, दादा-दादी का नाम उस सूची में दर्ज है, उन्हें अलग से दस्तावेज देने की कोई जरूरत नहीं होगी। बाकी मतदाताओं को अपनी पहचान के सबूत देने होंगे, तभी उन्हें मत डालने का अधिकार मिल पाएगा।