Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कवर्धा: करोड़ों खर्च के बाद भी बेल्हारी बांध में दरारें! पानी का दबाव कम करने खोला गया नहर, ग्रामीणो... लुधियाना की सेठी फैक्ट्री के बाहर दर्दनाक हादसा, मां के साथ आई मासूम बच्ची को बेकाबू ऑटो ने कुचला; ह... लुधियाना में सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर चोरों का हमला: 'सेफ सिटी' प्रोजेक्ट के कैमरों की बैटरियां व ... लुधियाना में रात के अंधेरे में दुस्साहसिक चोरी: सो रहे परिवार के घर से 2 मोबाइल, कैश और मारुति ए-क्र... तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में चोरी का मामला दर्ज: 4.777 ग्राम की डायमंड रिंग चुराता दिखा अज्ञात व्यक्ति, ... लुधियाना में दुस्साहसिक वारदात: बंद मकान से लाखों का सोना, कैश व विदेशी करंसी चोरी, सबूत मिटाने को क... पंजाब के कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता साफ: हाईकोर्ट में सरकार ने दिया आश्वासन, 2 दिन में जारी... सुल्तानपुर लोधी मार्ग पर खौफनाक हादसा: चलती कार का स्टीयरिंग हुआ लॉक, पीछे आ रही गाड़ी के कैमरे में ... विजिलेंस ब्यूरो पंजाब की सख्त कार्रवाई: जुलाई महीने में 14 ट्रैप केस दर्ज, आय से अधिक संपत्ति मामले ... माता वैष्णो देवी कटड़ा के लिए रेलवे की बड़ी सौगात: साबरमती-जम्मू तवी एक्सप्रेस का हुआ विस्तार, धार्म...

Haryana Voter List Update: हरियाणा में 29 लाख संदिग्ध मतदाताओं की पहचान, BLO अब घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन

चंडीगढ़:  हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर मतदाता सूचियों में 29 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनमें पिता-पुत्र के नाम समान हैं। निर्वाचन विभाग ने इन संदिग्ध मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है।

बीएलओ मतदाता सूची में दर्ज पते पर जाकर संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच में सही पाए गए लोगों का वोट बरकरार रहेगा, जबकि फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले साल नवंबर में हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं के सहारे भाजपा पर सरकार बनाने के आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने एक ब्राजीलियन माडल की तस्वीर भी दिखाई, जिसका नाम सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों पर वोटर लिस्ट में 22 जगह मौजूद था।

इसके अलावा एक अन्य महिला की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह फोटो हरियाणा में 100 स्थानों पर मतदाता सूचियों में अलग-अलग नामों से दर्ज है। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने आरोपों की जांच कराई तो आरोप सही नहीं निकले। हालांकि इस दौरान मतदाता सूचियों में 29 लाख लोग जरूर सामने आए, जिनमें मतदाता और उनके पिता का नाम एक ही है। इसलिए इन मतदाताओं की जांच कराई जाएगी।

एसआइआर की विधिवत घोषणा से पहले ही निर्वाचन विभाग अपनी तैयारियों में जुट गया है। करीब 21 हजार बीएलओ वर्ष 2002 के साथ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान करने में जुटे हैं। प्रदेश में दो करोड़ सात लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से एक करोड़ 21 लाख (58 प्रतिशत) मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है।

जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता, दादा-दादी का नाम उस सूची में दर्ज है, उन्हें अलग से दस्तावेज देने की कोई जरूरत नहीं होगी। बाकी मतदाताओं को अपनी पहचान के सबूत देने होंगे, तभी उन्हें मत डालने का अधिकार मिल पाएगा।