मशहूर हरियाणवी डांसर और स्टेज परफॉर्मर सपना चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यायालय ने उनके पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार करने वाले आदेश को रद्द करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि उनका पासपोर्ट दस वर्षों की अवधि के लिए नवीनीकृत किया जाए। इसके साथ ही, विदेश यात्रा पर लगी सभी प्रशासनिक बाधाएं भी समाप्त हो गई हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सपना चौधरी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जब किसी व्यक्ति के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले में जमानत आदेश में विदेश यात्रा पर कोई रोक नहीं है, तब केवल मुकदमे लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार करना संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा कि पासपोर्ट न मिलना किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आजीविका पर सीधा प्रहार करता है। कोर्ट के अनुसार,अनुच्छेद 21 व्यक्ति को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है.अनुच्छेद 19 उसे स्वतंत्र रूप से पेशा और व्यवसाय करने की आज़ादी देता है। ऐसे में बिना ठोस कारण किसी नागरिक को विदेश यात्रा से रोकना या पासपोर्ट नवीनीकरण से वंचित रखना असंवैधानिक है।
किस आदेश को दी गई थी चुनौती
सपना चौधरी ने अपनी याचिका में 30 जून 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनका पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा की अनुमति खारिज कर दी गई थी। संबंधित प्राधिकरण का तर्क था कि सपना चौधरी ने विदेश यात्रा की अवधि, देश और उद्देश्य से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को पहले पासपोर्ट ही न दिया जाए और फिर उससे यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम मांगा जाए, यह अपने आप में विरोधाभासी है।”