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छतरपुर में वाटर फिल्टर प्लांट की लैब में कराई टेस्टिंग, घर-घर जाकर भी करें जांच

छतरपुर : इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है. छतरपुर में भी कलेक्टर ने पूरे जिले में पानी के सैंपल लेने और जांच करने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही पानी की टंकी, पाइप लाइनों की सुरक्षा और सफाई के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने खुद छतरपुर के फिल्टर प्लांट पर जाकर निरीक्षण किया.

अफसरों को चेतावनी- लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे

इंदौर कांड से सबक लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल अचानक शहर में सप्लाई होने वाले पानी के फिल्टर प्लांट पर निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने पानी के स्रोतों एवं बिछाई गई लाइनों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा “अपने इलाकों में पानी की सप्लाई बेहतर हो, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी.” एडीएम मिलिंद नागदेवे, सीएमओ छतरपुर माधुरी शर्मा, उपयंत्री, सहायक यंत्री सहित अन्य अधिकारी इस मौके पर साथ रहे.

फिल्टर प्लांट की लैब में देखी टेस्टिंग

छतरपुर कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट की प्रयोगशाला में जल शुद्धिकरण से संबंधित विभिन्न परीक्षण कराए, जिनमें पीएच टेस्ट, टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) तथा टर्बिडिटी (जल में मैलापन) आदि जांचे गए. CMO माधुरी शर्मा ने कलेक्टर को बताया “क्लियर वाटर रिजर्वायर (सीडब्ल्यूआर) से 14 ओवरहेड टैंक (ओएचटी) के माध्यम से शहर में जल आपूर्ति की जाती है.”

कलेक्टर ने सीडब्ल्यूआर एवं ओएचटी में जल की नियमित सैंपलिंग कराने तथा उसकी रिपोर्ट सप्ताह में एक बार पीएचई विभाग को भेजने के निर्देश दिए.

घर-घर जाकर पेयजल की जांच कराएं

कलेक्टर ने नगरपालिका सीएमओ से कहा “शहरी क्षेत्र के घर-घर जाकर पाइल लाइनों में लीकेज की विशेष रूप से जांच कराएं.” साथ ही जांच के बाद सूचित करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा “नालियों के नक्शे निकलवाकर नालियों के पास स्थित पाइपलाइनों की प्राथमिकता से टेस्टिंग कराने तथा पुरानी पाइपलाइन वाले वार्डों में विशेष सैंपलिंग कराए, कर्मचारियों की टीम बनाकर घर-घर पहुंचने वाले पेयजल की जांच कराई जाए, जिसमें जल की शुद्धता, गंध आदि का परीक्षण किया जाए.”

पानी की टंकियों और पाइपलाइन का सर्वे होगा

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया “जिले की सभी नगरपालिका को निर्देशित किया गया है जितनी भी जल आपूर्ति होती है, जितनी पानी की टंकी हैं, पाइप लाइन हैं, सबका सर्वे कराएं. जितने प्लांट हैं और सप्लाई के पॉइंट है, सबके सैंपल लें. शिकायतों के लिए नंबर भी जारी किया है.”