भीषण आक्रामक तेवर में आयी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री
-
ईडी के खिलाफ बड़ा पैदल मार्च किया
-
दस्तावेज दिखाकर साजिश खोल दी
-
अदालत से ईडी को मदद नहीं मिली
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः आई पैक के कार्यालय में ईडी के छापा का मकसद तो लोग समझ रहे थे पर ऐन वक्त पर खुद ममता बनर्जी ने वहां पहुंचकर सारा राज भी खोल दिया। यह छापामारी कहने के लिए कोयला घोटाले की जांच की थी पर दरअसल ईडी के अफसर वहां टीएमसी की चुनावी तैयारियों का आंकड़ा जुटाने गये थे। इस पर अब अमित शाह सीधे तौर पर निशाने पर आ गये हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कोयला तस्करी मामले को लेकर केंद्र सरकार और विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। कोलकाता के हाजरा मोड़ पर आयोजित एक विशाल विरोध सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोयले की चोरी और तस्करी से होने वाली काली कमाई गद्दार (शुभेंदु अधिकारी) के माध्यम से सीधे अमित शाह की जेब तक पहुँच रही है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय ने टीएमसी की राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक के कार्यालय और उसके प्रमुख के आवास पर छापेमारी की। इसी कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व में जादवपुर से हाजरा मोड़ तक एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें पार्टी नेताओं के साथ टॉलीवुड के कई सितारे भी शामिल हुए।
जनसभा में ममता बनर्जी ने तस्करी के चक्र का विवरण देते हुए कहा, ईडी का कहना है कि वे कोयला मामले की जांच कर रहे हैं। मेरा सवाल है कि इस चोरी का पैसा कौन और कैसे खा रहा है? यह पैसा गद्दार के जरिए जाता है, जो अब केंद्र का दत्तक पुत्र बन चुका है। भाजपा के जगन्नाथ सरकार से शुभेंदु अधिकारी और फिर अधिकारी से अमित शाह—इस तरह कोयला चोरी का पैसा ऊपर तक पहुँचता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सीमा पार से तस्करी हो रही है, तो उसकी जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल की है, जो सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आता है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनके पास भाजपा के कई नेताओं के खिलाफ पुख्ता सबूत और पेनड्राइव मौजूद हैं। उन्होंने कहा, आप भाग्यशाली हैं कि मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हूँ और मैंने अभी तक वे पेनड्राइव सार्वजनिक नहीं किए हैं। मैं देश के हित में और स्थिरता बनाए रखने के लिए चुप हूँ, अन्यथा अगर मैं सब कुछ उजागर कर दूँ, तो देश में हड़कंप मच जाएगा।
दूसरी ओर, कानूनी मोर्चे पर ईडी को कलकत्ता उच्च न्यायालय से झटका लगा है। आई-पैक मामले में न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने सुनवाई 14 तारीख तक के लिए स्थगित कर दी थी। इसके बाद ईडी ने बेंच बदलने और जल्द सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल का दरवाजा खटखटाया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह एक न्यायिक आदेश है, इसलिए प्रशासनिक आधार पर बेंच नहीं बदली जा सकती।