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हरियाणा के इन 2000 अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी, सामने आई ये बड़ी वजह

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआइओ) पर लगाए गए दंड की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए।

करीब दो हजार अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया, लेकिन वह जुर्माना जमा नहीं करा रहे हैं। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह दंड संबंधित एसपीआइओ से मासिक किस्तों में सीधे वसूल किया जाए।

अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आरटीआइ अधिनियम के प्रविधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि आरटीआइ आवेदनों का समयबद्ध निपटारा और वैधानिक समय सीमा का पालन सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि अधिनियम की भावना को सुदृढ़ किया जा सके और प्रशासन पर जन विश्वास मजबूत हो।

हरियाणा में सूचना का अधिकार के तहत अधिकारी-कर्मचारी एक तो सूचना ठीक ढंग से नहीं देते, ऊपर से जुर्माना भी नहीं जमा करवा रहे हैं। इन अधिकारियों पर करीब 10 साल से जुर्माना पेंडिंग है। मुख्य सचिव ने राज्य सूचना आयोग को मासिक रिपोर्ट भी देने की बात कही है। मुख्य सचिव ने विभागों से कहा कि अगर किसी विभाग को वसूली में सहायता की आवश्यकता हो तो वे राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।