Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhagalpur Vikshamsila Setu Update: विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा में शुरू हुई जहाज सेवा; एक स... Bhopal Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मामले में पूर्व सैनिकों का बड़ा फूटा गुस्सा; शौर्य स्मारक से... Bihar Traffic Rules: बिहार में नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर ₹25,000 जुर्माना, अभिभावकों को 3 महीने की... Weather Update Today: देश में मौसम की दोहरी मार; दिल्ली-यूपी में भीषण लू का रेड अलर्ट, तो बिहार-झारख... Dholpur Crocodile Attack: धौलपुर में दर्दनाक हादसा; चम्बल नदी किनारे बैठी 12 साल की बच्ची को खींच ले... CBI Action on Builders: घर खरीदारों से धोखाधड़ी मामले में CBI का बड़ा एक्शन; SBI अफसरों और मंजू जे ह... IPL 2026 KKR vs MI: प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में चाहिए जीत; मुंबई बिगाड़े... Daisy Shah Bold Scenes: बिना इंटीमेसी कॉर्डिनेटर के कैसे शूट हुए थे 'हेट स्टोरी 3' के बोल्ड सीन? डेज... PM Modi Italy Visit: रोम पहुंचे पीएम मोदी का भव्य स्वागत; जॉर्जिया मेलोनी के साथ किया ऐतिहासिक कोलोस... PM Modi Meloni Viral Video: पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की 'मेलोडी' टॉफी! सोशल मीडिया पर व...

देश के आंतरिक हालात बिगड़ने से बचाने में जुटे हैं एर्देगॉन

तुर्किए का नया आर्थिक सुधार पैकेज और मुद्रास्फीति नियंत्रण

अंकाराः तुर्किये की अर्थव्यवस्था, जो पिछले कई वर्षों से अनियंत्रित मुद्रास्फीति और मुद्रा के अवमूल्यन के भंवर में फंसी हुई थी, अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ‘अंकारा इकोनॉमिक रिवाइवल प्लान’ के तहत एक साहसिक आर्थिक सुधार पैकेज का अनावरण किया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य तुर्किये की मुद्रा ‘लिरा’ में विश्वास बहाल करना और विदेशी पूंजी को देश के भीतर लाना है। पिछले 12 घंटों में इस घोषणा का सकारात्मक असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में देखा गया, जहाँ लिरा ने डॉलर के मुकाबले 4 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।

इस नए सुधार पैकेज की रीढ़ टैक्स इंसेंटिव और निर्यात प्रोत्साहन है। सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में ऐतिहासिक कटौती की है, जिससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए तुर्किये को एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुनना आसान हो जाएगा। विशेष रूप से तकनीक और ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि जब देश से निर्यात बढ़ेगा, तो विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, जिससे अंततः महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। एर्दोगन प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है: अगले छह महीनों के भीतर मुद्रास्फीति की दर को दहाई के अंकों से घटाकर एकल अंक यानी 10 फीसद से नीचे लाना।

हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों के बीच इस योजना को लेकर मतभेद हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि भारी टैक्स कटौती से राजकोषीय घाटाबढ़ सकता है, जिससे सरकार की ऋण लेने की आवश्यकता बढ़ेगी। यदि उत्पादन में तुरंत वृद्धि नहीं हुई, तो यह कदम अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी इन सुधारों की बारीकी से निगरानी करने की घोषणा की है, क्योंकि तुर्किये का आर्थिक स्वास्थ्य पूरे मध्य पूर्व और यूरोप के व्यापारिक संतुलन को प्रभावित करता है।

बावजूद इन चिंताओं के, तुर्किये के आम नागरिकों के लिए यह खबर एक बड़ी राहत लेकर आई है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान जनता को उम्मीद है कि लिरा की मजबूती से उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह एर्दोगन की सबसे बड़ी आर्थिक जीत साबित होगी।