Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल Fake Policeman Arrested: पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाला 'फर्जी पुलिसकर्मी' गिरफ्तार

शाही पदवी की लड़ाई: प्रिंस अजमत जाह के खिलाफ लामबंद हुए परिवार के अन्य सदस्य, जानें क्यों बढ़ा मनमुटाव

कभी दुनिया के सबसे धनी राज्य हैदराबाद के निजाम के वारिसों के बीच मतभेद अब और भी बढ़ गए हैं. 8वें निजाम मुकर्रम जाह की मौत के बाद वारिसों के बीच शुरू हुआ संपत्ति विवाद अब संस्थानों से बर्खास्तगी तक पहुंच गया है. ताजा मामला ये है कि मुकर्रम जाह के दूसरे बेटे अलेक्जेंडर आजम जाह को उनके पिता द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित मुकर्रम जाह ट्रस्ट ऑफ एजुकेशन एंड लर्निंग से बर्खास्तगी का नोटिस मिला है.

जनवरी 2023 में मुकर्रम जाह की मौत के बाद उनकी पहली पत्नी राजकुमारी एस्रा के बेटे अजमत जाह को 9वां निज़ाम घोषित किया गया. हालांकि, उनके दूसरे बेटे आजम जाह शुरू से ही इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं. आजम जाह ने सवाल उठाया कि जब भारत सरकार ने 1971 में राजसी उपाधियों और ताज को खत्म कर दिया था तो उनके भाई को 9वां निजाम कैसे घोषित किया जा सकता है.

हिस्से के लिए कानूनी लड़ाई

उन्होंने पिछले साल पारिवारिक संपत्ति में अपने हिस्से के लिए कानूनी लड़ाई भी शुरू की. आजम के दफ्तर ने बर्खास्तगी नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आजम का आरोप है कि ट्रस्ट के मामलों में पारदर्शिता की मांग करने के कारण उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है. उनके दफ्तर ने एक बयान में कहा, ट्रस्ट के मामलों में जवाबदेही तय करने की मेरी कोशिशों में बाधा डालने के लिए यह नोटिस जारी किया गया है. यह पारदर्शिता को खत्म करने की साजिश है.

मुकर्रम जाह की विरासत

वह हैदराबाद के आखिरी निजाम मीर उस्मान अली खान के पोते हैं. साल 1967 से 1971 तक उन्हें भारत सरकार द्वारा निजाम के तौर पर मान्यता मिली हुई थी. आजम जा, मुकर्रम के दूसरे बेटे हैं और अजमत मुकर्रम जा के सबसे बड़े बेटे हैं. वह फिलहाल अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं.

हैदराबाद में ऐतिहासिक स्मारकों, हजारों करोड़ की संपत्तियों और शैक्षणिक संस्थानों के मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाने वाले इस परिवार में दरार अब पुरानी बस्ती के हलकों में चर्चा का विषय बन गई है. अब देखना है कि अदालत तक पहुंच चुके इस शाही विवाद का आगे क्या रुख होगा.