सुकमा: छत्तीसगढ़ के अति संवेदनशील एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम उरसांगल में सुकमा पुलिस ने एक नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है. यह कैंप 17 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार के तहत स्थापित किया गया, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को गति देना है. कैंप की औपचारिक जानकारी 24 दिसंबर 2025 को साझा की गई.
नए सुरक्षा कैंप से गांव वालों में उत्साह
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नए सुरक्षा कैंप की स्थापना के अवसर पर सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों को साड़ी और कपड़े बांटे गए. इस दौरान ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति सकारात्मक माहौल देखने को मिला. कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ एवं पुलिस अधीक्षक सुकमा की उपस्थिति में ‘पोदला उरस्कना’ (वृक्षारोपण) और ‘एक पेड़ शहीद के मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया.
यह सुरक्षा कैंप बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ सुकमा रेंज के उप महानिरीक्षक आनंद राजपुरोहित, सुकमा एसपी किरण चव्हाण, कुमार मयंक, कमांडेंट 159 बटालियन सीआरपीएफ, अमित चौधरी, कमांडेंट COBRA-201, रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) एवं अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा के निर्देशन और पर्यवेक्षण में स्थापित किया गया है.
नक्सल विरोधी अभियानों को मिलेगी मजबूती
सुरक्षा कैंप की स्थापना से उरसांगल और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिलेगी. साथ ही ग्रामीणों को अब विकासात्मक योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। कैम्प के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा व्यवस्था एवं मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार संभव होगा। इससे वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र में विकास की नई राह खुलेगी.
सालभर में 23 नए सुरक्षा कैंप
पुलिस प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में कुल 23 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा चुकी है. इन कैंपों के कारण नक्सल उन्मूलन अभियान में स्पष्ट तेजी आई है. इसी का परिणाम है कि साल 2024 से अब तक 599 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि अलग अलग नक्सल ऑपरेशन में 71 माओवादियों को मार गिराया गया और 460 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है.
बता दें कि नियद नेल्लानार योजना के तहत टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, तुमालपाड़, रायगुड़ेम, उसकावाया, नागाराम, पेदाबोडकेल सहित अब उरसांगल में सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई है.
नियद नेल्लानार योजना क्या है
नक्सल प्रभावित बस्तर में छत्तीसगढ़ सरकार ने नियद नेल्लानार योजना की शुरुआत की है. इस योजना का अर्थ होता है हमारे लोगों का घर या हमारे लोगों की राह. इस योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं. नियद नेल्लानार योजना का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना है. इस योजना के तहत बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित कई सुविधाएं पहुंचाई जा रही है.