Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...

450 मिलियन डॉलर के विशेष सहायता पैकेज का एलान

संकट में श्रीलंका का सहारा बना भारत

कोलंबोः हिंद महासागर में आए विनाशकारी चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका के तटीय और उत्तरी क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है, जिससे द्वीप राष्ट्र एक बार फिर गहरे मानवीय और आर्थिक संकट में घिर गया है। इस कठिन समय में भारत ने अपनी नेबरहुड फर्स्ट (पड़ोसी पहले) की नीति को चरितार्थ करते हुए श्रीलंका को 450 मिलियन डॉलर (लगभग 3,800 करोड़ भारतीय रुपये) के भारी-भरकम राहत और पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोलंबो का तत्काल दौरा कर वहां के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इस संकट से उबरने के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

चक्रवात दित्वाह के कारण श्रीलंका का बुनियादी ढांचा, विशेष रूप से बिजली ग्रिड, संचार व्यवस्था और तटीय सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं और कृषि भूमि को अपूरणीय क्षति पहुँची है। भारत द्वारा घोषित इस सहायता पैकेज का एक बड़ा हिस्सा तत्काल राहत कार्यों, जैसे कि भोजन, दवाइयाँ और अस्थायी आवास प्रदान करने में खर्च किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पैकेज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दीर्घकालिक पुनर्निर्माण परियोजनाओं के लिए आरक्षित है, जिसमें क्षतिग्रस्त स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को फिर से खड़ा करना शामिल है।

केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना और वायु सेना ने भी ऑपरेशन के तहत राहत सामग्री से लदे जहाज और विमान कोलंबो भेजे हैं। भारतीय इंजीनियरों की एक टीम श्रीलंका के बिजली विभाग के साथ मिलकर ग्रिड को बहाल करने के लिए काम कर रही है। भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह त्वरित प्रतिक्रिया न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर (शुद्ध सुरक्षा प्रदाता) की भूमिका को भी मजबूत करती है। ऐसे समय में जब श्रीलंका को अपनी जर्जर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सख्त जरूरत है, भारत की यह पहल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करती है।

श्रीलंकाई सरकार और वहां की जनता ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि “भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह केवल एक पड़ोसी नहीं, बल्कि श्रीलंका का सबसे भरोसेमंद मित्र है।” आने वाले हफ्तों में भारतीय विशेषज्ञ दल श्रीलंका में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।