Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल Fake Policeman Arrested: पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाला 'फर्जी पुलिसकर्मी' गिरफ्तार

रूस ने बांग्लादेश को भारत के साथ रिश्ता सुधारने को कहा

आंतरिक उथलपुथल से जूझते भारत के पड़ोसी देश को नसीहत

  • रूसी राजदूत ने अंतरिम सरकार से कहा

  • मुक्तियुद्ध को भूलना बड़ी गलती होगी

  • दक्षिण एशिया के लिए यह शुभ नहीं

राष्ट्रीय खबर

ढाका: बांग्लादेश में बढ़ती अस्थिरता और भारत के साथ बिगड़ते कूटनीतिक संबंधों के बीच रूस ने एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। ढाका में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर ग्रिगोरिएविच खोजिन ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को सलाह दी है कि वह भारत के साथ जारी तनाव को जल्द से जल्द कम करे। रूसी राजदूत ने स्पष्ट किया कि दक्षिण एशिया के इन दो बड़े पड़ोसियों के बीच स्थिर संबंध न केवल उनके निजी हित में हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी अनिवार्य हैं।

ऐतिहासिक संबंधों का हवाला रूसी राजदूत ने अपने संबोधन में इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बांग्लादेश को 1971 के मुक्ति संग्राम की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को यह नहीं भूलना चाहिए कि उसकी स्वतंत्रता मुख्य रूप से भारतीय सैन्य और नैतिक सहायता के कारण संभव हुई थी, जिसे उस समय तत्कालीन सोवियत संघ (रूस) का भी पूरा समर्थन प्राप्त था। खोजिन ने भावुक लहजे में कहा कि 1971 में भारत, बांग्लादेश और रूस ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि ढाका और दिल्ली के बीच मौजूदा तनाव का इस स्तर से आगे बढ़ना किसी भी पक्ष के लिए हितकारी नहीं होगा।

हिंसा और कूटनीतिक गतिरोध की पृष्ठभूमि बांग्लादेश में हालिया तनाव की शुरुआत छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हुई, जो जुलाई के सरकार विरोधी प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा थे। हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा ने उग्र रूप ले लिया, जिसमें उपद्रवियों ने चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग और अन्य सांस्कृतिक केंद्रों को निशाना बनाया। इसके जवाब में भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश में अपनी वीजा सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दीं। तनाव तब और बढ़ गया जब बांग्लादेश ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए नई दिल्ली और त्रिपुरा स्थित अपने मिशनों में वीजा सेवाएं रोक दीं।

बढ़ती कड़वाहट और कड़ा रुख राजनयिक मोर्चे पर भी दोनों देश आमने-सामने हैं। भारत ने हाल ही में बांग्लादेशी राजदूत रियाज हमीदुल्ला को तलब कर चरमपंथी तत्वों द्वारा भारतीय मिशनों के घेराव की योजना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। भारत का कहना है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने में विफल रही है। वहीं, बांग्लादेश ने भी भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस अशांत माहौल में रूस की यह सलाह अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि रूस के दोनों देशों के साथ गहरे सामरिक संबंध हैं।