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दुबई में भारी बारिश की चेतावनी और सुरक्षा प्रतिबंध लागू

पिछली बार के अनुभव से सबक लेते हुए पूर्व तैयारी की गयी

दुबईः संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सबसे व्यस्त शहर दुबई में अधिकारियों ने खराब मौसम के मद्देनजर हाई-अलर्ट जारी किया है। दुबई पुलिस ने गुरुवार को निवासियों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन संदेश भेजकर सख्त चेतावनी दी है कि वे शुक्रवार दोपहर तक जब तक बहुत जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर न निकलें। यह कदम रेगिस्तानी देश में अप्रत्याशित भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए उठाया गया है।

यूएई के नेशनल सेंटर ऑफ मेट्रोलॉजी के अनुसार, गुरुवार से शुरू होकर शुक्रवार तक पूरे देश में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसका असर केवल दुबई तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी अबू धाबी और अन्य उत्तरी अमीरातों में भी देखा जा रहा है। पड़ोसी खाड़ी देशों की स्थिति भी ऐसी ही बनी हुई है। सऊदी अरब और कतर में भी भीषण बारिश दर्ज की गई है। कतर में तो मौसम के बिगड़े मिजाज के कारण एक बहुप्रतीक्षित अरब कप फुटबॉल मैच को भी अंतिम समय पर रद्द करना पड़ा।

इस कड़े अलर्ट के पीछे मुख्य कारण पिछले साल अप्रैल 2024 में आई ऐतिहासिक बाढ़ है। उस दौरान यूएई में 76 वर्षों की सबसे रिकॉर्ड-तोड़ बारिश हुई थी, जिसने दुबई की आधुनिक सड़कों को नदियों में बदल दिया था। उस तबाही में घरों में पानी भर गया था और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दुनिया के सबसे व्यस्त केंद्र, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। उस आपदा में कम से कम चार लोगों की जान भी गई थी।

पर्यावरण विशेषज्ञों और वर्ल्ड वेदर एट्रीब्यूशन समूह के अध्ययन बताते हैं कि यह कोई सामान्य मौसमी बदलाव नहीं है। जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक उपयोग से बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग के कारण इस रेगिस्तानी क्षेत्र में बारिश की तीव्रता और बारंबारता खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है। बुनियादी ढांचे, जैसे कि तूफानी जल निकासी की कमी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से मौसम की अपडेट लेते रहें और सतर्क रहें।