Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा हुआ 6, आरोपियों पर... Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, 'इग्जेम्प्लर' श्रेणी में राज... LU Paper Leak Scandal: 'तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है', ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफे... Jaunpur News: सपा सांसद प्रिया सरोज की AI जेनरेटेड आपत्तिजनक फोटो वायरल, बीजेपी नेता समेत 2 पर FIR द... Kashmir Terror Hideout: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन में आतं... Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार...

बांग्लादेश में खालिदा ज़िया के बेटे की वापसी

चुनाव का एलान होते ही बीएनपी की सक्रियता तेजी से बढ़ी

ढाकाः बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान लगभग 17 साल के निर्वासन के बाद अचानक स्वदेश लौट आए हैं। तारिक रहमान पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा से जुड़े कई गंभीर आरोप थे, जिसके कारण वह 2007 से ब्रिटेन में स्व-निर्वासित जीवन जी रहे थे।

उनकी वापसी की खबर से बांग्लादेश की राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। माना जा रहा है कि उनकी वापसी बीएनपी को पुनर्जीवित करने और आगामी आम चुनावों के लिए पार्टी का नेतृत्व मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बीएनपी लंबे समय से अवामी लीग की शेख हसीना सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रही है और देश में निष्पक्ष चुनावों की मांग कर रही है। तारिक रहमान की वापसी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में एक नया जोश भर सकती है।

हालांकि, उनकी वापसी विवादास्पद भी है। सत्तारूढ़ अवामी लीग ने तारिक रहमान पर लगे आरोपों को दोहराया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। उनके खिलाफ कई अदालती मामले लंबित हैं, और यह देखना होगा कि बांग्लादेश की न्यायिक प्रणाली उनकी वापसी पर क्या प्रतिक्रिया देती है। तारिक रहमान की मां, खालिदा ज़िया भी भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराई गई थीं और फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से जेल से बाहर हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक गतिविधियाँ प्रतिबंधित हैं।

तारिक रहमान की वापसी बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य को अस्थिर कर सकती है। बीएनपी के पास अब एक स्पष्ट नेता होगा, जो विपक्ष को एकजुट करने और सरकार विरोधी आंदोलन को गति देने का प्रयास कर सकता है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि बांग्लादेश की राजनीति अभी भी शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों और उनकी सत्ता की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका देश के लोकतांत्रिक भविष्य पर गहरा असर पड़ सकता है।