Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ... Noida LPG Crisis: नोएडा में कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत, कैटरर्स और होटल संचालक परेशान; शादी-रिस...

ईरान का अमानवीय कृत्य! नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी को फिर से जेल क्यों भेजा गया? 36 साल संघर्ष के बाद भी एक्शन, अंतर्राष्ट्रीय दबाव की मांग

ईरान में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया. मोहम्मदी एक दिवंगत मानवाधिकार वकील की स्मृति सभा में गई थीं. इस दौरान ही ईरानी सुरक्षाबलों ने हिंसक तरीके से उन्हें गिरफ्तार किया. 53 वर्षीय मोहम्मदी 2024 से मेडिकल ग्राउंड पर अस्थायी रिहाई पर थीं और उन्हें दोबारा जेल भेजे जाने की उम्मीद नहीं थी.

मोहम्मदी 36 साल तक जेल में रही हैं. पेरिस स्थित फाउंडेशन ने कहा कि हाल ही में अपने कार्यालय में मृत पाए गए वकील खोसरो अलिकोरदी की स्मृति सभा के दौरान सुरक्षा और पुलिस बलों ने मोहम्मदी को हिंसक तरीके से गिरफ्तार किया गया. फाउंडेशन ने पुष्ट रिपोर्टों और उनके भाई मेहदी का हवाला दिया.

क्यों किया गया गिरफ्तार?

मोहम्मदी को ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में गिरफ्तार किया गया. मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था. उनकी फाउंडेशन ने बताया कि उन्हें मशहद में खोसरो अलिकोरदी के सम्मान में आयोजित एक समारोह के दौरान गिरफ्तार किया गया. उनके समर्थकों की ओर से साझा किए गए वीडियो में मोहम्मदी को बिना हिजाब के भीड़ को संबोधित करते हुए और नारे लगवाते हुए देखा गया.

मोहम्मदी को किस समय और किन हालातों में गिरफ्तार किया गया, उनकी फाउंडेशन ने इस बात की जानकारी दी है. लेकिन, उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई इसको लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है.

2024 में हुई थी रिहाई

मोहम्मदी दिसंबर 2024 से तीन हफ्ते की मेडिकल ग्राउंड पर अस्थायी रिहाई पर थीं, जो बढ़ते-बढ़ते कई महीनों तक चलती रही. डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि दिल के दौरे, बड़ी सर्जरी और पिछले साल के अंत में हड्डी में पाई गई गांठ को हटाने के इतिहास को देखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजना उनकी जान के लिए खतरा हो सकता है.

13 बार जेल भेजा गया

कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद, मोहम्मदी देश में एक्टिव रहती हैं. वो प्रदर्शनों में शामिल होती रहीं और यहां तक कि तेहरान की एविन जेल के बाहर भी प्रदर्शन किए, जहां उन्हें पहले रखा गया था. उन्होंने अब तक 36 साल जेल में बिताए. उन्हें पांच बार दोषी ठहराया गया और 13 बार जेल भेजा गया. उनकी आखिरी कैद 2021 में शुरू हुई थी, जिसकी वजह भी एक स्मृति सभा में उनकी मौजूदगी बनी थी.