Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच संपन्न हुआ मत... दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की भी होगी सरकारी खरीद, सिकुड़े और टूटे दानो... Guna Crime: गुना में पिता के दोस्त की शर्मनाक करतूत, मासूमों से अश्लील हरकत कर बनाया वीडियो; पुलिस न... Allahabad High Court: मदरसों की जांच पर NHRC की कार्यशैली से 'स्तब्ध' हुआ हाई कोर्ट; मॉब लिंचिंग का ... PM Modi in Hardoi: 'गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की नई लाइफलाइन', हरदोई में बरसे पीएम मोदी— बोले, सपा-कांग्... Jabalpur Crime: 'शादी डॉट कॉम' पर जिसे समझा जीवनसाथी, वो निकला शातिर ब्लैकमेलर; फर्जी DSP बनकर 5 साल... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में बकरी चोरी के आरोप में युवक को खंभे से बांधकर पीटा, रिटायर्ड कृषि अ... Vande Bharat Extension: जम्मू से श्रीनगर का सफर अब और आसान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को द... West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच 'दीदी' या 'दा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो और डंपर की टक्कर मे...

सिर्फ ध्यान भटकाने की लिए फिर वही खेलः प्रियंका गांधी

दस घंटे की चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सरकार पर हमला

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार वंदे मातरम के नाम पर जनता का ध्यान देश की ज्वलंत चिंताओं से भटकाना चाहती है।

लोकसभा में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर हुई बहस के दौरान, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, आज सदन में वंदे मातरम पर बहस के दो कारण हैं। पहला, पश्चिम बंगाल में चुनाव आ रहे हैं। ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री अपनी भूमिका स्थापित करना चाहते हैं और दूसरा, जिन लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम लड़ा, देश के लिए बलिदान दिया — यह सरकार उन पर नए आरोप लगाने का मौका चाहती है। ऐसा करके, सरकार देश का ध्यान जनता से जुड़े आवश्यक मुद्दों से भटकाना चाहती है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्र के सामने मौजूद मौजूदा चुनौतियों, जैसे युवाओं का पेपर लीक और बेरोज़गारी से पीड़ित होना, ज़रूरतमंदों को आरक्षण से वंचित किया जाना, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, और प्रदूषण पर चर्चा नहीं चाहती है, बल्कि अतीत के घटनाक्रमों को खोदकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि उनका शासन और राजनीति अहंकार, दिखावे, इवेंट मैनेजमेंट और चुनाव-दर-चुनाव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक शक्तियों के केंद्रीकरण के कारण सत्तारूढ़ दल के सदस्य भी सरकार से नाखुश हैं।