एच-1बी वीज़ा और भारतीय प्रतिभा का समर्थन
वाशिंगटनः टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के सीईओ एलन मस्क ने एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम और अमेरिका में भारतीय प्रतिभाओं के योगदान के पक्ष में जोरदार बयान दिया है। मस्क ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका को प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत फायदा हुआ है और उन्होंने इस वीज़ा कार्यक्रम का समर्थन किया, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है।
मस्क, जो खुद एक अप्रवासी हैं (मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका से), ने कहा कि वह अमेरिका में काम करने वाले उच्च-कुशल अप्रवासियों के महत्व को समझते हैं, खासकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है, जिसमें कुछ लोग इसे अमेरिकी श्रमिकों के लिए खतरा मानते हैं, जबकि अन्य इसे नवाचार और अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक मानते हैं।
मस्क ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि कई उच्च-कौशल वाले भारतीय पेशेवर अमेरिकी तकनीकी कंपनियों, जैसे कि उनकी अपनी कंपनियों (टेस्ला और स्पेसएक्स) के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आगे बढ़ते हुए एक व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टनर को आधा भारतीय बताया। हालांकि यह एक व्यक्तिगत टिप्पणी थी, लेकिन इसने भारतीय संस्कृति और प्रतिभा के प्रति उनके सम्मान को और उजागर किया।
मस्क का यह समर्थन इस बात पर ज़ोर देता है कि वैश्विक प्रतिभा को आकर्षित करना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण है। तकनीकी नवाचार और अनुसंधान में भारतीय पेशेवरों का योगदान सर्वविदित है, और मस्क जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व का यह बयान एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों की आवश्यकता पर बल देता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिका दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना जारी रखे। यह बयान भारत में भी सकारात्मक रूप से देखा जाएगा, जहाँ से लाखों छात्र और पेशेवर उच्च शिक्षा और बेहतर करियर के लिए अमेरिका जाने की इच्छा रखते हैं। यह वैश्विक प्रतिभा के लिए सीमाओं के पार सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है।