सिद्धारमैया और शिव कुमार ने कहा कोई मतभेद नहीं
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दोनों ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस किया
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करीब बीस मिनट तक दोनों की वार्ता
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दिल्ली में 30 को अहम बैठक भी होगी
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों और खींचतान के बीच शनिवार सुबह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री निवास पर साथ में नाश्ता किया। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक गहन चर्चा हुई, जिसमें सीएम के कानूनी सलाहकार ए.एस. पोन्ना भी मौजूद थे। कर्नाटक की राजनीति में इस मुलाकात को सुलह और एकता का प्रतीक माना जा रहा है।
नाश्ते के लगभग एक घंटे बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के कहने पर यह बैठक हुई और उनके तथा डीके शिवकुमार के बीच किसी भी तरह का कोई मतभेद या विवाद नहीं है। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों से उत्पन्न भ्रम को खारिज कर दिया। सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने नाश्ते के दौरान 2028 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दोहराया कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हाईकमान जो भी फैसला करेगा, वह सभी को मान्य होगा।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कांग्रेस की एकता और मजबूती को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वे दोनों मिलकर कर्नाटक में कांग्रेस को मजबूत करेंगे और हाईकमान के हर निर्देश का पालन करेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए ढाई साल हो चुके हैं।
2023 में सिद्धारमैया के सीएम बनने के समय कथित तौर पर एक रोटेशनल सीएम फॉर्मूला या पावर शेयरिंग समझौता होने की खबरें एक बार फिर गरमा गई हैं, जिसके तहत ढाई साल बाद डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री की कमान सौंपी जानी थी। सूत्रों के अनुसार, रविवार 30 नवंबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व बैठक होगी, जिसमें कर्नाटक के नेतृत्व विवाद पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। यह मुलाकात नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच हाईकमान की ओर से स्थिरता और एकता का संदेश देने का प्रयास है।