Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे टीएमसी के बागी सांसद; क्या भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ... Siwan Unique Wedding: प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी तो ग्रामीणों ने कराई शादी; वीडियो हुआ वायरल Political Earthquake in Bengal: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने किया NCPI में विलय; जानिए इस पार्टी... Bareilly Police Transfer: बरेली में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल; 46 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, देखें... Nanded Honor Killing Case: प्रेमी की लाश से शादी करने वाली आंचल ने छोड़ा ससुराल; सक्षम के भाई पर लगाए... NEET UG Re-Exam Admit Card: एडमिट कार्ड डाउनलोड में तकनीकी दिक्कतें; NTA ने जारी की हेल्पलाइन, जानें... PM Modi Slovakia Visit: स्लोवाकिया पहुंचने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी; 'वंदे मातरम' और प... Noida International Airport: जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का आगाज; पहली फ्लाइट की सफल लैंडिंग Patna Coaching Dispute: ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को मिली जमानत; पटना सिविल कोर्ट का फै... Bareilly Crime News: बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा समेत 12 अपराधियों की खुली हिस्ट्रीशीट; पुलिस की सख...

इंडोनेशिया में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 17 की मौत

बारिश के मौसम में आम नागरिकों को कोई राहत नहीं

जकार्ताः इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। दक्षिण सुमात्रा में, लगातार बारिश से कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह गईं, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई और कई गाँव जलमग्न हो गए।

भूस्खलन ने कई घरों को नष्ट कर दिया और महत्वपूर्ण सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आई। लापता लोगों की तलाश के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें और सेना मिलकर काम कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम बचाव प्रयासों को मुश्किल बना रहा है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता और चिकित्सा आपूर्ति भेजने की घोषणा की है।

यह आपदा इंडोनेशिया के लिए एक बार फिर से मौसमी आपदाओं की भेद्यता को उजागर करती है। हर साल, देश में मानसूनी बारिश के कारण जान-माल का भारी नुकसान होता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इन मौसमी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे देश को बेहतर तैयारी और बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता होगी।