आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली जिम्मेदारी
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः मंगलवार रात को पंजाब के सीमावर्ती जिले गुरदासपुर और हरियाणा के सिरसा में पुलिस थानों के बाहर हुए जोरदार धमाकों से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। गुरदासपुर में हुए धमाके में दो महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए, जबकि सिरसा में जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
गुरदासपुर पुलिस ने शुरू में इस घटना को ट्रक का टायर फटने का मामला बताया, लेकिन घायलों के बयान इस दावे पर संदेह पैदा करते हैं। घायल व्यक्तियों, जिनमें सपना शर्मा, अनु बाला और राजेश कुमार शामिल हैं, ने कहा कि धमाके के बाद चारों ओर धुआँ फैल गया, और उन्हें लगी चोटें टायर फटने से होने वाली चोटों जैसी नहीं हैं। राजेश कुमार को आंख में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
दूसरी ओर, सिरसा में पुलिस ने स्पष्ट रूप से ग्रेनेड हमले की पुष्टि की है और इस मामले में पाँच आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस बीच, एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इन दोनों धमाकों की जिम्मेदारी ली है। इस पोस्ट में धमकी दी गई है कि जब तक हिंदू खालिस्तान के खिलाफ बोलते रहेंगे, ग्रेनेड हमले होते रहेंगे। हालांकि, पुलिस ने इस पोस्ट को फर्जी करार दिया है और कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घायलों के परिजनों ने सोशल मीडिया पर केएलए की जिम्मेदारी लेने की पोस्ट वायरल होने के बाद सामने आकर घटना को संदिग्ध बताया। लाइब्रेरी चौक निवासी सपना शर्मा के शरीर पर कई छोटे घाव मिले हैं, जबकि अनु बाला के सिर में चोट लगी है और उनके पति राजेश कुमार की आंख में गहरी चोट आई है।
कांग्रेस विधायक बरिंदरमीत पाहड़ा ने घायलों से मुलाकात की और इस घटना के लिए सरकार और पुलिस की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एसएसपी आदित्य ने जोर देकर कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।