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पत्नी प्रताड़ित पतियों की गुहार- शादी बनी गले की हड्डी, हमें बचाओ, IT सेक्टर से ज्यादा केस

भोपाल : एक दिन में 06 से 08 ऐसे फोन कॉल्स, जिसमें पुरुष गुहार लगा रहे है कि हमें बचा लीजिए. इन पुरुषों के लिए शादी गले की हड्डी बन गई है. ये लोग इससे बाहर आना चाहते हैं. प्रताड़ित पुरुषों के लिए काम करने वाली संस्था ‘भाई’ बीते 23 साल से महिलाओं द्वारा किए जा रहे अत्याचार और प्रताड़ना को रोकने का काम कर रही है.

संस्था ‘दोस्त’ का आकलन है कि बीते कुछ सालों में आईटी सेक्टर में पुरुषों के प्रताड़ना के मामले तेजी से बढ़े हैं. इस संस्था के संस्थापक ज़की अहमद के मुताबिक “आईटी सेक्टर में काम करने वाले पुरुष अब प्रताड़ना के सॉफ्ट टारगेट हैं.”

ऑल इंडिया मैन्स हेल्पलाइन कॉल

पुरुषों की प्रताड़ना के खिलाफ काम करने वाली संस्था ‘दोस्त’ के पास हर दिन में उन पुरुषों के कॉल आते हैं, जो पत्नी से प्रताड़ित हैं. ये पति अपनी पत्नी की डिमांड से थक गए हैं. इनसे तलाक के बदले बड़ी रकम की डिमांड की जा रही है. दोस्त संस्था के ज़की अहमद बताते हैं “दस साल पहले हमने केवल पुरुषों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया था. ऑल इंडिया मैन्स हेल्पलाइन नंबर -08882498498. इस नंबर पर जो कॉल आते हैं, उनकी जो वजह होती है, उससे पता चलता है कि समाज में अब पुरुष भी प्रताड़ित हैं.”

प्रताड़ित पति उठा रहे आत्मघाती कदम

ज़की अहमद के अनुसार “कुछ पति इस कदर प्रताड़ना झेल रहे हैं कि कई बार काउंसलिंग के जरिए हम उन्हें संभालते हैं. टॉर्चर में कई बार पति जान तक दे देते हैं. हम केस नहीं लड़ते उनका. लेकिन उन्हें सही एडवाइज दिलवाते हैं. समझौते में उनकी मदद करते हैं. वो सारी सुविधाएं मुहैया कराते हैं, जिससे केस लड़ना आसान हो जाता है और इसके लिए हम कोई फीस चार्ज नहीं करते.”

आईटी सेक्टर के पुरुष सबसे ज्यादा प्रताड़ित

दोस्त संस्था बीते 20 साल से काम कर रही है. लेकिन संस्था का आकलन है कि बीते 5 से 7 सालों में आईटी प्रोफेशनल्स के प्रताड़ना के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं. सौ फीसदी शिकायतों में 70 फीसदी मामले आईटी सेक्टर से जुड़े होते हैं. शादी के लिए आकर्षण भी सबसे बड़ा आईटी ही है. लड़की या उनके घरवाले आईटी सेक्टर के पुरुष से शादी इसलिए करवाना चाहते हैं कि आर्थिक स्थिति मजबूत रहे और लड़कियां भी लक्जरी वाली लाइफ देखती हैं.

ईगो क्लेश में टूट रहे रिश्ते

ज़की अहमद बताते हैं “हालांकि तलाक की कोई बड़ी वजह नहीं होती. छोटे-छोटे इश्यू और ईगो क्लेश में रिश्ते टूट रहे हैं. चूंकि पति आईटी में है, लिहाजा एल्यूमनी में भी इनसे बड़ी रकम मांगी जाती है. इनसे 02 लाख रुपए से लेकर 03 करोड़ तक की डिमांड की जाती है. हैदराबाद और पुणे में काम कर रही हमारी टीम बताती है कि वीकली मीटिंग में ज्यादा शिकायतें लेकर आईटी सेक्टर के ही पुरुष आते हैं. मीडिया प्रोफेशनल्स भी आते हैं. अभी हाल में सीसीटीवी लगाने वाला एक मैकेनिक भी मदद मांगने आया था.”

बस.. इतनी सी बात पर तलाक हो गया

ज़की अहमद एक केस का हवाला देकर बताते हैं “मामले इतने अजीब होते हैं कि लगता है कि ये अलग हो जाने की वाजिब वजह भी नहीं कही जा सकती. भोपाल में एक मामला तलाक का आया. लड़का भोपाल का है. हैदराबाद में आईटी कंपनी है. पत्नी नागपुर की है और डॉक्टर है. दोनों दीपावली पर आ रहे थे. पत्नी की जिद थी कि पति भोपाल जाने के बजाए नागपुर चले. इसी विवाद को लेकर मुद्दा तलाक तक पहुंच गया. पति-पत्नी के नाम एक करोड़ की प्राॉपर्टी भी थी. 20 लाख रुपए के साथ सेटलमेंट हुआ.”

23 नवंबर को पुरुषों को जगाने यात्रा निकलेगी

पुरुष जागें, अपने अधिकार के लिए और प्रताड़ना के खिलाफ कैसे एकजुट हो सकते हैं, इसके लिए दोस्त संस्था एक यात्रा निकालने जा रही है. 23 नवम्बर को ये यात्रा भोपाल से शुरू होगी और खजुराहो पहुंचेगी. इस दौरान पूरे रास्ते में मिलने वाले पुरुषों को संस्था के सदस्य पुरुषों पर होने वाले अत्याचारों को लेकर जागरूक करेंगे. ये बताएंगे कि किस तरह से वे अपनी लड़ाई कानूनी तौर पर लड़ सकते हैं.