Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर ढोल-नगाड़ों संग जश्न; सीजेपी ने बताया 'लोकतं... अड़ियल रवैया पड़ा भारी! पेपर लीक बवाल के 36 दिन बाद क्यों हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? समझें 5 ब... 'झुकती है दुनिया...': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर Gen-Z का जश्न, अभिजीत दीपके ने... Jantar Mantar NEET Protest: जंतर-मंतर पर भयंकर बवाल! 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 FIR दर्ज; 3... Bihar Bandh Patna Clash: पटना के डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों में झड़प; पथराव व लाठीचार्ज के ... NEET Paper Leak Movement: देशव्यापी हुआ नीट विरोध आंदोलन! दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड में पुलिस-छात्र... Education Minister Resignation Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र... Ranchi AISA Protest: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA... Jharkhand Teacher ACP MACP News: झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP और MACP का लाभ, हेम... Jharkhand Teacher Association Protest: ACP-MACP न मिलने पर भड़के झारखंड के प्राथमिक शिक्षक, सुप्रीम ...

उमर खालिद पर सुनवाई में दिल्ली पुलिस का चौंकाने वाला दावा! ‘डॉक्टर-इंजीनियर भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल’, कोर्ट में हुआ खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उमर खालिद, शरजील इमाम सहित अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की. इस दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से ASG एसवी राजू ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. सुनवाई के दौरान ये भी कहा गया कि आजकल यह चलन बन गया है कि डॉक्टर, इंजीनियर अपने पेशे का काम नहीं कर रहे हैं बल्कि देश विरोधी कामों में शामिल हो रहे हैं.

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ को बताया कि सुनवाई में देरी आरोपियों की वजह से हुई है और वे इसका फ़ायदा नहीं उठा सकते. राजू ने नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ इमाम के भड़काऊ भाषण के वीडियो शीर्ष अदालत में दिखाए.

‘ये कोई आम प्रदर्शन नहीं, हिंसक प्रदर्शन’

वीडियो में इमाम को फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से पहले 2019 और 2020 में चाखंड, जामिया, अलीगढ़ और आसनसोल में भाषण देते हुए देखा गया. अधिवक्ता ने कहा कि इमाम इंजीनियरिंग स्नातक है. उन्होंने कहा, आजकल यह चलन बन गया है कि डॉक्टर, इंजीनियर अपने पेशे का काम नहीं कर रहे हैं बल्कि देश विरोधी कामों में शामिल हो रहे हैं. राजू ने कहा, यह कोई सरल प्रदर्शन नहीं है, ये हिंसक प्रदर्शन हैं. वे बंद की बात कर रहे हैं.

इस मौके पर न्यायमूर्ति कुमार ने पूछा कि क्या भाषण आरोपपत्र का हिस्सा थे, जिसका राजू ने हां में जवाब दिया. खालिद, इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और रहमान पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत 2020 के दंगों के मास्टरमाइंड होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा घायल हो गए थे.

आरोपी खुद जिम्मेदार

सुनवाई के दौरान ASG ने कोर्ट को बताया कि ट्रायल कोर्ट में हो रही देरी के लिए खुद आरोपी पक्ष ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने शीर्ष अदालत को उन पहले के आदेशों का हवाला दिया, जिनमें यह दर्ज है कि कई मौकों पर बचाव पक्ष के वकील आरोप तय करने संबंधी दलीलों के दौरान पेश ही नहीं हुए. दिल्ली पुलिस का तर्क है कि ऐसे हालात में जमानत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि मुकदमे की प्रक्रिया में देरी का कारण स्वयं आरोपी हैं.