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खामेनेई की गलती पर ईरान के बदले 6 अरब का जुर्माना भरेगा अमेरिका! क्या है ये चौंकाने वाला पूरा मामला? अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल

अमेरिका की एक विशेष अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप प्रशासन पर 6 अरब रुपए का जुर्माना लगाया है. वो भी ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की गलती के लिए. खामेनेई को अमेरिका का कट्टर दुश्मन माना जाता है. खामेनेई कई मौकों पर अमेरिका की मौत का नारा लगा चुके हैं. हाल ही में अमेरिका ने ईरान के 3 न्यूक्लियर साइट पर बी-2 बम से अटैक किया था.

बीबीसी फारसी के मुताबिक अली खामेनेई के बदले अमेरिका की सरकार अपने कोष से जुर्माना भरने की तैयारी में है. जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.

पहले पूरा मामला समझिए

अमेरिका में राजनीतिक बंदी अकबर लकिस्तानी ने एक केस दाखिल किया था. लाकिस्तानी का कहना था कि उस पर ईरान में अत्याचार किए गए. उसे जबरन ईरान में बंधक बनाया गया और जेल में रखा गया. उसे जेल में सरकार के इशारे पर प्रताड़ित किया गया. लाकिस्तानी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को इस मुकदमे में मुख्य आरोपी बनाया था.

कोर्ट ने जब ईरान सरकार को इसको लेकर नोटिस जारी किया, तो सरकार की तरफ से कोई मौजूद नहीं हुआ. इसके बाद कोर्ट में सबूत के आधार पर लंबी सुनवाई चली. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान तथ्यों के आधार पर एक फैसला दिया.

कोर्ट ने खामेनेई को दोषी ठहराते हुए उन पर 12 अरब रुपए का जुर्माना लगाया. ये सभी पैसे लाकिस्तानी को देने के लिए कहा, लेकिन जब लाकिस्तानी ने कहा कि ये पैसे ईरान से लेना आसान नही है, तो कोर्ट ने एक और आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि अमेरिका की सरकार आधी रकम की भरपाई करेगी. बाकी के पैसे वसूलने का भी प्रयास करेगी.

कौन है अकबर लाकेस्तानी

अकबर लाकेस्तानी ईरान के सैन्य विभाग में रह चुके हैं. ईरान और इराक जंग के दौरान लाकिस्तानी ने इराक के खिलाफ जंग भी लड़ा. दोनों देश के बीच जब जंग थम गया, तब लाकिस्तानी अजरबैजान पहुंच गए. यहां पर राजनीति करने लगे. इसी दौरान लाकिस्तानी वीजा पर अमेरिका चले गए.

अमेरिका में लाकेस्तानी ने नागरिकता भी ले ली. लाकेस्तानी जब अमेरिकी नागरिकता लेकर ईरान पहुंचे, तब उन पर शिकंजा कस गया. लाकेस्तानी को ईरान ने दोहरी नागरिकता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.