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कवर्धा में बढ़ी ठंड, खेतों में जमने लगी ओस की बूंदें

कवर्धा: छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में इस सप्ताह ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक शीतलहर चलने को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है. इसी का असर दिखने लगा है. उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बीते चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री नीचे चला गया है. जिसकी वजह से सर्दी और ठंड का एहसास होने लगा है.

कवर्धा में ठंड बढ़ी: कबीरधाम जिले में पिछले तीन से चार दिनों में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है. इससे आम जनजीवन पर असर पड़ने लगा है. सुबह और शाम के समय गलन महसूस की जा रही है, वहीं लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं.

तापमान में गिरावट: कवर्धा जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों रामपुर, रेंगाखर, चिल्फी, बोक्करखार, बहानाखोदरा, सहित कई गांवों में अब खेतों पर ओस की बूंदें जमने लगी हैं. मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार -बुधवार दरमियानी रात कवर्धा शहर का न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि वनांचल क्षेत्रों में तापमान घटकर 9 से 10 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. तापमान में गिरावट के कारण लोगों की दिनचर्या में बदलाव देखने को मिल रहा है. रात में सड़कें जल्दी सूनी हो जाती हैं और सुबह देर से रौनक दिखती है.

चिल्फी घाटी में मिनी शिमला जैसा नजारा: छत्तीसगढ़ का मिनी शिमला कहे जाने वाला चिल्फी घाटी इन दिनों गुलाबी ठंड की चपेट में है. बुधवार की सुबह घाटी का नजारा बदल गया. घनी धुंध के कारण सड़कें नजर नहीं आ रही थी, जिससे गाड़ी चालकों को हेडलाइट की रोशनी का सहारा लेना पड़ा. लोग सुबह के समय घरों में दुबके रहे और धूप निकलने के बाद ही बाहर निकले.

ठंड की अभी शुरुआत: ठंड बढ़ने के साथ ही जिले में गर्म कपड़ों, रूम हीटर और अलाव से जुड़ी वस्तुओं की मांग बढ़ गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिससे सर्दी का असर और तेज हो सकता है.