मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से रोका गया
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मौसम विभाग नजर इस पर लगी है
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अगले चौबीस घंटों में स्थिति साफ होगी
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तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव के अभी भी बने रहने के बीच, बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की खबर है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में यह धीरे-धीरे एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इस मौसमी गतिविधि के कारण समुद्र अशांत रहेगा, जिसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह कम दबाव का क्षेत्र पहले पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना था और अब यह उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थानांतरित हो गया है। यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण बांग्लादेश से सटे तट पर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व और इससे सटे म्यांमार और बांग्लादेश के तटों पर समुद्र की स्थिति खतरनाक बनी रहेगी।
एहतियात के तौर पर, मौसम विभाग ने दक्षिण बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व से सटे इलाकों के मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से सख्ती से मना किया है। यह प्रतिबंध आज, बुधवार तक प्रभावी रहेगा।
इस मौसमी प्रणाली का असर पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पर भी दिख सकता है। हवा में जल वाष्प की मात्रा बढ़ने के कारण दक्षिण बंगाल में, विशेष रूप से दक्षिण 24 परगना के कुछ इलाकों में शुक्रवार को गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक दक्षिण बंगाल में मौसम कुल मिलाकर शुष्क बना रहेगा।
उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि तटीय और इससे सटे जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के बाकी जिलों में आसमान ज्यादातर साफ रहने की उम्मीद है। पश्चिमी जिलों में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे रात और सुबह के समय हल्की ठंडी हवा महसूस होगी। हालांकि, अभी पारे में कोई बड़ी गिरावट नहीं आ रही है, और लगातार शुष्क मौसम बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले सोमवार तक सभी जिलों में शुष्क मौसम और साफ आसमान बने रहने की भविष्यवाणी की है।