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Punjab की इस मंडी में करोड़ों का घोटाला, हैरान करेगा मामला

गोनियाना मंडी : पंजाब में धान में करोड़ों का घपला होने की खबर सामने आई है। इस बार खरीद सीजन में मार्केट कमेटी गोनियाना के अंतर्गत आने वाले केंद्रों में जो कुछ हुआ है, उसने राज्य भर के किसानों और आढ़तियों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। जहां पूरे पंजाब में इस बार उपज लगभग 60 मन प्रति एकड़ ही रही, वहीं गोनियाना मंडी के अंतर्गत आने वाले केंद्रों में लगभग 100 प्रतिशत खरीद होना अपने आप में एक बड़ा सवालिया निशान है। जब उत्पादन ही कम था, तो खरीद पूरी कैसे हो सकती है? इसके पीछे का गोरखधंधा धीरे-धीरे बेनकाब हो रहा है, जिसका मास्टरमाइंड इलाके का ही एक व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने कुछ आढ़तियों और अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की काली कमाई का जाल बिछाया।

यह पूरा खेल राजस्थान से घटिया क्वालिटी के अधिक पके धान से खेला गया, जिसे चुपचाप गोनियाना मंडी और उसके अधीनस्थ केंद्रों में लाया गया। मार्केट कमेटी ने कुछ जगहों से अवैध माल जब्त भी किया, लेकिन बाद में बड़ी मात्रा में माल छोड़ दिया गया, जिससे सीधे तौर पर संकेत मिलता है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर मिलीभगत हो सकती है। मंडी के जानकारों के अनुसार, यह काम एक दिन की कहानी नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया। कई आढ़तियों ने राजस्थान से घटिया क्वालिटी का धान मंगवाकर पंजाबी किसानों की मेहनत पर डाका डाला। इस पूरी गतिविधि की जड़ में एक ऐसा व्यक्ति है जो खुद को ‘सिस्टम प्लेयर’ कहता है और अधिकारियों से मिलीभगत करके हर काम को अंजाम देता है।

सूत्रों के अनुसार, इस व्यक्ति की कई विक्रेताओं और सरकारी अधिकारियों से गहरी मिलीभगत है। उसने राजस्थान से धान से भरी ट्रॉलियां मंगवाईं और गोनियाना मंडी व आस-पास के केंद्रों में सरकारी खरीद बताकर बांट दीं। धान इतना घटिया था कि कोई भी उसे देखकर तुरंत पहचान लेता कि यह पंजाबी धान नहीं है, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से यह धान बिना किसी रोक-टोक के तहखानों में उतार दिया गया और कागजों में दर्ज कर दिया गया। मानो यह स्थानीय किसानों की संपत्ति हो। इस अवैध धंधे में कई आढ़ती, सेलर मालिक और कुछ बड़े अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

प्रेस मीडिया के माध्यम से किसानों और आढ़तियों ने खुलकर मांग की है कि इस मामले की विजिलेंस से नहीं, बल्कि सीधे सीबीआई से जाँच करवाई जाए ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई जांच हो जाए तो करोड़ों रुपये के घोटाले और अधिकारियों की काली कमाई उजागर हो जाएगी। किसानों का कहना है कि एक तरफ तो उनका अच्छा धान बाज़ार में बिक रहा था, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान से घटिया क्वालिटी का माल सेलर में उतारा जा रहा था और वो भी ऊँची कीमतों पर। इससे न सिर्फ सरकार को नुकसान हो रहा था, बल्कि पंजाबी किसानों की मेहनत का भी मजाक उड़ाया जा रहा था।