Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत ... पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो झारखंड के सरकारी टीचर ने अपनाई अनोखी राह, बाइक छोड़ घोड़े से पहुंचे जनगण... बिजनौर धर्मांतरण मामला: रोजगार के बहाने श्रीनगर ले जाकर नाबालिग को पढ़वाया कलमा; पूर्व सांसद के साथ ... Twisha Sharma Case: 'I Am Trapped' मौत से ठीक पहले ट्विशा का आखिरी मैसेज; कजिन और मौसी ने किए रोंगटे... West Bengal Politics: ममता बनर्जी अपने बूथ पर भी हारीं, उनका सियासी करियर खत्म; मुख्यमंत्री शुभेंदु ... Bird Flu in Maharashtra: महाराष्ट्र के नंदुरबार में बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध ह्यूमन केस; कर्मचारियो... Katni-Maihar Highway Accident: मैहर जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्राली को ट्रक ने 3 बार मारी टक्क... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सामने आए 2 संदेहास्पद CCTV फुटेज, शव नीचे लाते दिखे प... Delhi-NCR Weather: दिल्ली में इस हफ्ते 45°C पार करेगा पारा, कल से 4 दिन भीषण लू का 'येलो अलर्ट' जारी Rishikesh Train Accident: ऋषिकेश में बड़ा ट्रेन हादसा टला; शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के डिब्...

दीपांकर के कहने पर राहुल ने की मध्यस्थता

बिहार में महागठबंधन टूटने से बाल बाल बच गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बीच, विपक्षी ‘महागठबंधन’ टूटने की कगार से बच गया है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुखिया मुकेश सहनी, जो सीटों के उचित समायोजन न होने से नाराज़ थे और गठबंधन से लगभग बाहर हो चुके थे, शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद वापस मान गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वीआईपी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच पिछले दो दिनों से कोई संवाद नहीं हुआ था, जिसके चलते सहनी ने गठबंधन से नाता तोड़ने का मन बना लिया था। इस गंभीर स्थिति को भांपते हुए, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्होंने मुकेश सहनी से संपर्क किया और फिर मामले को सुलझाने के लिए सीधे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता, राहुल गांधी से बात की।

भट्टाचार्य ने राहुल गांधी को वीआईपी को समायोजित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिसके बाद राहुल गांधी तुरंत हरकत में आए। उन्होंने इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के शीर्ष नेतृत्व (संभवतः तेजस्वी यादव) से चर्चा की और स्वयं मुकेश सहनी से भी बात की। इस उच्च-स्तरीय मध्यस्थता के बाद, वीआईपी प्रमुख ने गठबंधन में बने रहने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए राहुल गांधी को एक पत्र लिखा।

पत्र में, सहनी ने अपनी नाराज़गी का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें सुनिश्चित संख्या में सीटें दिए जाने का जो आश्वासन दिया गया था, वह पूरा नहीं किया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि उनके लिए सीटों की संख्या से अधिक गठबंधन की विचारधारा मायने रखती है, क्योंकि उनका मुख्य उद्देश्य सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना है।

मुकेश सहनी बिहार में निषाद समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं, जिसकी आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 2.5 प्रतिशत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निषाद समुदाय का समर्थन महागठबंधन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, विशेषकर तब जब मुकाबला कड़ा हो। इसलिए, वीआईपी का गठबंधन में बने रहना विपक्षी एकता के लिए एक बड़ी जीत है और यह सुनिश्चित करता है कि बिहार में चुनावी लड़ाई में महागठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेगा। राहुल गांधी के समय पर हस्तक्षेप को इस राजनीतिक संकट को टालने का श्रेय दिया जा रहा है।