विदेश से भी मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार हमला किया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः ब्रिटेन, अमेरिका के बाद इस बार कोलंबिया। राहुल गांधी ने विदेश दौरे पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर हमला बोला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि आज भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर हमला है। राहुल ने गुरुवार को कोलंबिया के ईआईए विश्वविद्यालय में छात्रों की एक बैठक में कहा, भारत में कई धर्म, संस्कृति और भाषाएँ हैं।
एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी को जगह देती है। लेकिन इस समय, उस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हर तरफ से हमला हो रहा है। राहुल की टिप्पणी के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मोदी की पार्टी ने राहुल को प्रोपेगैंडा नेता करार दिया और कहा, एक बार फिर, उन्होंने विदेशी धरती से भारत के लोकतंत्र पर निशाना साधा है।
यह दावा करते हुए कि 1.4 अरब लोगों का देश भारत कभी भी अलोकतांत्रिक चीन जैसा एक-आयामी देश नहीं रहा है, राहुल ने भाषा, संस्कृति, परंपरा और धार्मिक विविधता का मुद्दा उठाया। इसके बाद कोलंबिया के छात्रों के लिए उनकी टिप्पणी, हम वह नहीं कर सकते जो चीन करता है। हमारा ढांचा लोगों को दबाने और एक सत्तावादी व्यवस्था स्थापित करने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा।
ईआईए विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों की बैठक में विपक्षी नेता ने रोजगार को लेकर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, भारत में आर्थिक विकास के बावजूद, हम रोजगार के अवसर पैदा नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि हम सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था और विनिर्माण नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल ने 2023 में ब्रिटेन जाकर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा था कि मोदी के शासन में भारत में लोकतंत्र का संकट है। इसके बाद मोदी ने खुद राहुल पर विदेशी धरती से देश का अपमान करने का आरोप लगाया था। जवाब में राहुल ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी विदेश दौरे पर क्यों गए और दावा किया कि 70 साल में भारत में कुछ नहीं हुआ।
इसके बाद उन्होंने अमेरिका जाकर कहा कि भाजपा के शासन में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। इस दक्षिण अमेरिकी दौरे के दौरान राहुल कोलंबिया और ब्राजील समेत कई देशों के शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों से मिलेंगे। कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि चूंकि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल देश में जनमत के एक महत्वपूर्ण वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनकी यात्रा विश्व मंच पर भारत की उपस्थिति को उजागर करने में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाएगी।