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कामचटका क्षेत्र में फिर हिली धरती

रूस में भीषण भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी

मॉस्कोः रूस का सुदूर पूर्वी कामचटका प्रायद्वीप एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से हिल उठा है। गुरुवार देर रात (भारतीय समयानुसार) आए इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई, जो कि काफी शक्तिशाली है। यह जानकारी संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने दी है। भूकंप का केंद्र कामचटका के पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की क्षेत्र के पास, जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह अपेक्षाकृत उथला केंद्र होने के कारण भूकंप के झटके सतह पर और भी ज्यादा महसूस किए गए।

भूकंप के तुरंत बाद, अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। इस चेतावनी में कहा गया है कि प्रशांत तट के इलाकों में सुनामी की लहरें उठ सकती हैं, जिससे समुद्री तटों के पास रहने वाले लोगों को खतरा हो सकता है। फिलहाल, अधिकारियों ने सावधानी बरतने और तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के बड़े नुकसान, चोट या मौत की कोई खबर नहीं मिली है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कामचटका प्रायद्वीप दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र प्रशांत प्लेट और अमेरिकी प्लेट के जंक्शन पर स्थित है, जिसे रिंग ऑफ फायर के नाम से भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में प्लेटों के आपस में टकराने के कारण लगातार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। इसी वजह से यहां कई सक्रिय ज्वालामुखी भी हैं।

यह दूसरा मौका है जब इस महीने कामचटका में भूकंप आया है। इससे पहले 13 सितंबर को भी इस क्षेत्र में एक जोरदार भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 7.1 थी, हालांकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसे 7.4 बताया था। उस समय भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, और उस भूकंप का केंद्र भी सतह से 10 किलोमीटर नीचे ही था। इस तरह के लगातार और तेज भूकंप इस क्षेत्र की भौगोलिक अस्थिरता को दर्शाते हैं।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद छोटे-छोटे आफ्टरशॉक्स आने की संभावना रहती है। इसलिए, स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशांत महासागर के किनारे स्थित देशों और द्वीपों को भी संभावित सुनामी के खतरे के प्रति अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का समय रहते सामना किया जा सके।