Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ratlam Crime News: रतलाम में बर्थडे पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग, गोली लगने से युवक घायल; पुलिस ने आ... ईरान-इजराइल युद्ध की मार: MP में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक! शादियों और फूड बिजनेस में मच... Kuno National Park: ज्वाला ने तीसरी बार दी खुशखबरी, एक साथ जन्मे 5 चीता शावक; भारत के 'प्रोजेक्ट चीत... उज्जैन में साध्वी का 'महा-साजिश' फेल! महामंडलेश्वर के खिलाफ फर्जी FIR की तैयारी थी, अखाड़े के संतों ... होटल के बंद कमरे में 'खूनी खेल'! भोपाल में पत्नी ने पति को डंडे से पीटा, फिर ब्लेड से किया वार; हाईव... Jabalpur High Court News: इंसाफ के लिए जबलपुर में शख्स की चौंकाने वाली हरकत, जज की डाइस पर रखा भ्रूण... भोपाल में अस्पताल की बड़ी लापरवाही! 12वीं की छात्रा को पहले 'प्रेग्नेंट' बताया, फिर निकला ट्यूमर; इल... Karur Stampede Case: एक्टर विजय को सीबीआई से राहत, करूर हादसे में पूछताछ के लिए फिर बुलाया जाएगा; जा... Giriraj Singh on Rahul Gandhi: राहुल गांधी को गिरिराज सिंह ने बताया 'नकली गांधी', नागरिकता और LoP की... T20 वर्ल्ड कप की जीत के बाद गूंजेगी शहनाई! टीम इंडिया का ये स्टार खिलाड़ी करने जा रहा है शादी; मसूरी...

कारगिल के पूर्व सैनिक को गैर भारतीय बताया

आधी रात को पुलिस के संरक्षण में पुणे में हंगामा

  • साढ़े ग्यारह बजे रात को आये अज्ञात लोग

  • पुलिस की गाड़ी उनके साथ ही आयी थी

  • रोहिंग्या या बांग्लादेशी बताने की धमकी दी

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः पुणे में कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक के परिवार ने पुणे पुलिस और कुछ अज्ञात व्यक्तियों पर रात उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि रात करीब 11:30 बजे उनके घर पर धावा बोलकर उनसे भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे गए।

यह परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है और 1960 से पुणे में रह रहा है। हकीमुद्दीन शेख (58), जो भारतीय सेना की 269वीं इंजीनियर रेजिमेंट से नायक हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और 1999 में कारगिल युद्ध भी लड़ चुके हैं, ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनके परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें उनके भाई इरशाद शेख और चाचा शेख नईमुद्दीन (1965 युद्ध के सैनिक) और शेख मोहम्मद सलीम (1971 युद्ध के सैनिक) शामिल हैं, भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्हें आधी रात को चंदननगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और सुबह 3 बजे तक दस्तावेज दिखाने को कहा गया। ऐसा न करने पर उन्हें बांग्लादेशी या रोहिंग्या अवैध प्रवासी घोषित करने की धमकी दी गई।

हकीमुद्दीन के भाई इरशाद शेख ने बताया कि पुलिस के बजाय 30-40 अज्ञात लोगों का एक समूह उनके घर में घुस गया और दस्तावेज मांगने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया, दरवाजे पर लात मारी और परिवार की महिलाओं व बच्चों पर चिल्लाए। पुलिस वैन कुछ दूरी पर खड़ी थी और वर्दीधारी अधिकारी वहीं इंतजार कर रहा था।

हकीमुद्दीन के भतीजे नौशाद शेख ने बताया कि आधार कार्ड जैसे दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन लोगों ने उन्हें फर्जी बताया। एक अन्य भतीजे नवाब शेख ने सवाल उठाया कि जब पुलिस ही भीड़ की मदद करती है तो आम लोग मदद के लिए किसके पास जाएंगे।

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पुलिसकर्मी जबरन घर में नहीं घुसे थे, लेकिन परिवार के आरोपों की पुष्टि की जा रही है। डीसीपी सोमय मुंडे ने कहा कि टीम को कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर वे मौके पर गए और परिवार से दस्तावेज मांगे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस टीम के साथ कोई तीसरा पक्ष नहीं था और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। हालांकि, परिवार का कहना है कि उनके दस्तावेज अभी भी पुलिस के पास हैं और उन्हें देर रात भीड़ के साथ पुलिस के आने का कारण समझ नहीं आया