Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Padamsinh Patil Case: निंबालकर हत्याकांड में आज मुंबई कोर्ट सुनाएगी ऐतिहासिक निर्णय; पीड़ित परिवारों ... Amer Temple Idol Theft: कीमती नीलम के लालच में प्राचीन मूर्ति के किए टुकड़े; जयपुर पुलिस ने 14 दिन मे... Major League Cricket: लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स की शानदार जीत; आंद्रे फ्लेचर और मुनरो के तूफान में उड़... Banking Fraud Alert: एटीएम कीपैड पर उंगलियों के निशान से हो सकता है फ्रॉड; सुरक्षित बैंकिंग के लिए अ... Milk Price Hike Alert: क्या फिर महंगा होगा दूध? अल-नीनो और कम बारिश बढ़ा सकती है आम आदमी की मुश्किलें Morning Stiffness Causes: सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न क्यों होती है? जानें इसके वैज्ञानिक कारण और ... Dining Table Vastu Tips: डाइनिंग टेबल पर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें; घर में आती है दरिद्रता और आर्थि... South Star Rumoured Breakup: डेटिंग की खबरों के बीच धनुष और मृणाल ठाकुर के अलग होने की चर्चा; जानिए ... US-Iran Peace Talks: स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की बड़ी बैठक; 60 दिनों में स्थायी शांति समझौते की ... NEET Re-Exam 2026: NTA की बड़ी तकनीकी चूक; नागपुर के छात्र को आवंटित कर दिया अबू धाबी का परीक्षा केंद...

बाबा रामदेव की मदद के चक्कर में फंसे पूर्व प्रधानमंत्री

पतंजलि को जमीन देने में सांसद की कुर्सी गयी

राष्ट्रीय खबर

काठमांडूः नेपाल में जमीन भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार को अपना सांसद पद गंवाना पड़ा है। भारतीय योग गुरु बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि को अवैध तरीके से जमीन देने के आरोप में नेपाल की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा सीआईएए ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पतंजलि को जो जमीन बेची, उसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। मालूम हो कि पतंजलि ने काठमांडू से करीब 40 किलोमीटर दूर कावरे जिले में 32 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। वहां योग शिविर लगाने और औषधीय पौधों की खेती के मकसद से जमीन खरीदी गई थी।

सीआईएए के मुताबिक माधव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कैबिनेट बैठक में भूमि कानून को शिथिल कर जमीन की बिक्री को मंजूरी दे दी। बात यहीं नहीं रुकी, दो महीने बाद नियमों को ताक पर रखे बिना जमीन को फिर से व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए खोल दिया साथ ही घटना में हुए नुकसान की भरपाई माधव से करने का अनुरोध किया है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में 94 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस सूची में पूर्व प्रधानमंत्री के साथ पूर्व कानून मंत्री प्रेम बहादुर सिंह, पूर्व भूमि सुधार मंत्री डंबर श्रेष्ठ, पूर्व मुख्य सचिव माधव प्रसाद घिमिरे और नेपाल में पतंजलि के निदेशक शालिग्राम सिंह का नाम शामिल है। हालांकि, पतंजलि के दो मुख्य जनक रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का नाम चार्जशीट में नहीं है।

नेपाल के कानून के मुताबिक, अगर सरकारी पद पर बैठे किसी व्यक्ति पर कोई आरोप लगता है तो उसे तुरंत निलंबित कर दिया जाता है। जिसके चलते माधव जो कि वर्तमान में नेपाली संसद के सदस्य हैं, उन्हें उनके सांसद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। हालांकि, सीपीएन एकीकृत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

उन्होंने कहा, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं सभी कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए तैयार हूं। यह सब पी शर्मा ओली की राजनीतिक साजिश है। वह मुझे पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं। पतंजलि ने कहा है कि उनकी जमीन पर कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं की गई है। केवल योग शिविर और औषधीय पौधों की खेती की जाती है।