Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छिंदवाड़ा में भारी बारिश के मौसम में भी गहराया पेयजल संकट: 147 में से 96 तालाब सूखे, महीने में 15 दि... खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव: हर साल बढ़ता है रहस्यमयी जीवित शिवलिंग, सावन के अंतिम सोमवार उमड़ा जनसै... रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद... सिंगरौली सरकारी अस्पताल की खुली पोल: डॉक्टर की कुर्सी पर सफाईकर्मी, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: सीएम के लेटरहेड से ट्रांसफर और हाईकोर्ट में फर्जी वकालतना... कार्तिक त्यागी की 153.6 Kmph की आग उगलती गेंद: UP T20 लीग में प्रिंस यादव का उखाड़ा विकेट, रिंकू सिं... 'कर्नाटक ही नहीं, पूरे सिनेमा जगत के किंग हैं यश': टॉक्सिक के प्रमोशनल इवेंट में दिखा जबरा क्रेज गिनी की राजधानी कोनाक्री में लैंडफिल का विशाल ढेर ढहने से 30 की मौत: मलबे में दबीं झुग्गियां, 6 घायल चीनी शेयरों में 11% तक का जबरदस्त उछाल: बलरामपुर चीनी, धामपुर और उत्तम शुगर में तेजी, जानें तेजी के ...

बाबा रामदेव की मदद के चक्कर में फंसे पूर्व प्रधानमंत्री

पतंजलि को जमीन देने में सांसद की कुर्सी गयी

राष्ट्रीय खबर

काठमांडूः नेपाल में जमीन भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार को अपना सांसद पद गंवाना पड़ा है। भारतीय योग गुरु बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि को अवैध तरीके से जमीन देने के आरोप में नेपाल की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा सीआईएए ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पतंजलि को जो जमीन बेची, उसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। मालूम हो कि पतंजलि ने काठमांडू से करीब 40 किलोमीटर दूर कावरे जिले में 32 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। वहां योग शिविर लगाने और औषधीय पौधों की खेती के मकसद से जमीन खरीदी गई थी।

सीआईएए के मुताबिक माधव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कैबिनेट बैठक में भूमि कानून को शिथिल कर जमीन की बिक्री को मंजूरी दे दी। बात यहीं नहीं रुकी, दो महीने बाद नियमों को ताक पर रखे बिना जमीन को फिर से व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए खोल दिया साथ ही घटना में हुए नुकसान की भरपाई माधव से करने का अनुरोध किया है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में 94 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस सूची में पूर्व प्रधानमंत्री के साथ पूर्व कानून मंत्री प्रेम बहादुर सिंह, पूर्व भूमि सुधार मंत्री डंबर श्रेष्ठ, पूर्व मुख्य सचिव माधव प्रसाद घिमिरे और नेपाल में पतंजलि के निदेशक शालिग्राम सिंह का नाम शामिल है। हालांकि, पतंजलि के दो मुख्य जनक रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का नाम चार्जशीट में नहीं है।

नेपाल के कानून के मुताबिक, अगर सरकारी पद पर बैठे किसी व्यक्ति पर कोई आरोप लगता है तो उसे तुरंत निलंबित कर दिया जाता है। जिसके चलते माधव जो कि वर्तमान में नेपाली संसद के सदस्य हैं, उन्हें उनके सांसद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। हालांकि, सीपीएन एकीकृत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

उन्होंने कहा, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं सभी कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए तैयार हूं। यह सब पी शर्मा ओली की राजनीतिक साजिश है। वह मुझे पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं। पतंजलि ने कहा है कि उनकी जमीन पर कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं की गई है। केवल योग शिविर और औषधीय पौधों की खेती की जाती है।