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नब्बे फीसद लोग सिस्टम से बाहर हैः राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष ने जातिगत जनगणना की मांग की

राष्ट्रीय खबर


 

नईदिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को जाति जनगणना की मांग दोहराते हुए दावा किया कि भारत की 90 प्रतिशत आबादी सिस्टम का हिस्सा नहीं है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, 90 प्रतिशत लोग सिस्टम से बाहर बैठे हैं, उनके पास कौशल और ज्ञान है लेकिन उनकी पहुंच शीर्ष तक नहीं है।

यही कारण है कि हमने जाति आधारित संस्थागत जनगणना की मांग उठाई है।

गांधी ने कहा, भाजपा नेता कह रहे हैं कि जाति जनगणना के बाद ओबीसी वर्ग दिया जाएगा, हम विभिन्न समुदायों की सूची चाहते हैं। हमारे लिए जाति जनगणना सिर्फ जनगणना नहीं है, यह नीति निर्माण का आधार है।

उन्होंने कहा, सिर्फ जाति जनगणना करना ही काफी नहीं है, यह समझना भी जरूरी है कि संपत्ति का वितरण कैसे हो रहा है।

यह पता लगाना भी जरूरी है कि ओबीसी, दलित, नौकरशाही, न्यायपालिका, मीडिया में काम करने वाले लोगों की कितनी भागीदारी है? जाति जनगणना का उद्देश्य सिर्फ विभिन्न जातियों की गिनती के बारे में जानना नहीं है, बल्कि देश की संपत्ति में उनकी भागीदारी भी जानना है। देश में विभिन्न जातियों के बीच संपत्ति का वितरण कैसे हो रहा है, यह जानने का विजन है।

उन्होंने कहा, मैं 2004 से राजनीति में हूं और भाजपा मेरे लिए गुरु की तरह रही है, क्योंकि इसने मुझे सिखाया है कि क्या नहीं करना चाहिए। कांग्रेस जाति जनगणना के बारे में मुखर रही है, उसने अपने लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में इसका वादा किया था।

सबसे पुरानी पार्टी ने जातियों और उपजातियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की गणना करने के लिए देश भर में सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना कराने का वादा किया था। कांग्रेस ने एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा बढ़ाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन पारित करने का भी वादा किया था।