Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DGCA Bribery Case: डीजीसीए के डिप्टी डीजी समेत दो लोग गिरफ्तार, रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई का बड़ा ... मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने... ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद! जहाजों पर फायरिंग से दुनिया भर में हड़कंप, क्या भारत... "मुझे झालमुड़ी खिलाओ..." बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का देसी अंदाज, काफिला रुकवाकर चखा मशहूर स्नैक ... Srinagar Airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिक हिरासत में, चेकिंग के दौरान बैग से मिला Garmi... India's First Semiconductor Unit: ओडिशा में देश की पहली 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास; ... TMC vs I-PAC: चुनाव के बीच ममता बनर्जी और I-PAC में ठनी? जानें क्यों TMC के लिए गले की फांस बनी प्रश... ग्लेशियरों का बहाव बाढ़ और हिमस्खलन लायेगा Wedding Tragedy: शादी की खुशियां मातम में बदली, गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग; 1 की मौत, 4 गंभ... Muzaffarnagar: दिल्ली के 'बंटी-बबली' मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार, फर्जी CBI अधिकारी बनकर करते थे लाखों क...

सेबी प्रमुख के खिलाफ संदेह के पर्याप्त कारण

उपलब्ध दस्तावेजों से ही संदेह और पुख्ता हो रहा है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः माधबी बुच की कंसल्टिंग फर्म पर नई रिपोर्ट से सेबी प्रमुख पर संदेह बढ़ा है। सेबी माधबी पुरी बुच तब से चर्चा में हैं, जब से अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की एक नई रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। बुच पर हितों के टकराव के आरोप हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि बुच के पिछले निवेश और उनकी कंसल्टेंसी की कमाई ने अडानी मामले को संभालने में उनके काम को प्रभावित किया हो सकता है।

अब एक हालिया रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि सेबी की अध्यक्ष बनने से पहले माधबी पुरी बुच द्वारा स्थापित एक कंसल्टेंसी, उसके वैधानिक ऑडिटर के पते पर ही पंजीकृत है। इसने बुच की पिछली प्रथाओं के बारे में संदेह बढ़ा दिया है। हिंडनबर्ग की हालिया रिपोर्ट में बुच की ओर से संभावित हितों के टकराव को उजागर करने के बाद, अगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म जांच के दायरे में आ गई।

13 अगस्त को प्रकाशित स्क्रॉल रिपोर्ट में कहा गया है कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास मौजूद दस्तावेजों से पता चलता है कि 7 मई, 2013 को अगोरा को शामिल किया गया था, जिसमें माधबी बुच इसके दो निदेशकों में से एक थीं। उस समय बुच सिंगापुर में रहती थीं। उन्होंने सिंगापुर में एक और फर्म अगोरा पार्टनर्स पीटीई लिमिटेड भी पंजीकृत की।

फर्म के निगमन प्रमाणपत्र में इसका पता 201, आरएनजे कॉरपोरेट, सम्राट होटल के बगल में, जवाहर रोड, घाटकोपर (पूर्व), मुंबई बताया गया है। वर्ष 2023-24 के लिए फर्म की नवीनतम बैलेंस शीट में भी यही पता दर्शाया गया है। इन बैलेंस शीट का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म शाह एंड सावला एलएलपी द्वारा किया गया है।

इसकी फाइलिंग के साथ-साथ इसकी वेबसाइट के अनुसार, इसका पंजीकृत पता 201, दूसरी मंजिल, आरएनजे कॉरपोरेट बिल्डिंग, जवाहर रोड, घाटकोपर ईस्ट, मुंबई है – जो बुच की कंसल्टिंग फर्म का भी पता है। इसके अलावा, माधबी बुच द्वारा स्थापित दो अन्य फर्मों – आरनैरा इम्पैक्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और आरनैरा डेवलपमेंट फाउंडेशन – का भी यही पता है, रिपोर्ट में कहा गया है। हालांकि, बुच ने 2017 में सेबी में शामिल होने से पहले उनके बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। उनके पति धवल बुच 2019 से इन फर्मों में निदेशक हैं। हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी सेबी प्रमुख बनने के बाद भी अपनी कंपनी से लाभ कमाने के दस्तावेज पहले ही जारी किये गये हैं।