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जहांगीर के मैदान छोड़ने के बाद अभिषेक का दावा धराशायी

फालता सीट पर भगवा झंडा लहराया

  • एक लाख से अधिक का अंतर

  • दूसरे नंबर पर माकपा प्रत्याशी

  • मुख्यमंत्री शुभेंदु की अपील कारगर

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: विपक्ष की जीत का अंतर एक लाख से भी अधिक रहा। भारी जनसमर्थन के बीच तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार चौथे स्थान पर खिसक गए। फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजों में एक बार फिर कमल की ऐसी आंधी चली कि सत्तारूढ़ तृणमूल का सूपड़ा साफ हो गया। इस चुनावी नतीजे ने तृणमूल को केवल नुकसान ही नहीं पहुंचाया, बल्कि अभिषेक बनर्जी के बहुचर्चित डायमंड हार्बर मॉडल को पूरी तरह से तोड़कर चकनाचूर कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवांशू पांडा को एक लाख से अधिक वोटों से जिताने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता से अपील की थी, जिसे फलता के मतदाताओं ने दोनों हाथ उठाकर अपना पूर्ण समर्थन दिया। जनता के इसी आशीर्वाद की बदौलत देवांशू पांडा साल 2026 के इस विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज करने वाले शीर्ष उम्मीदवारों की सूची में शामिल हो गए हैं।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी देवांशू पांडा को कुल 1,49,666 वोट प्राप्त हुए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी  के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। माকपा (सीपीएम) उम्मीदवार को महज 40,645 वोट मिले और वे इस चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे।

तीसरे स्थान पर कांग्रेस पार्टी रही, जिसके उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मुल्ला को सिर्फ 10,084 वोट ही मिल सके। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का रहा। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर शेख चौथे स्थान पर पिछड़ गए এবং उनकी जमानत तक जब्त हो गई। जहांगीर शेख को केवल 7,783 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार देवांशू पांडा ने उन्हें 1,41,883 वोटों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी।

फलता के इस पुनर्मतदान में तृणमूल कांग्रेस चौथे स्थान पर खिसक गई है, जबकि माकपा क्षेत्र में दूसरी बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आई है। मतदान से ठीक पहले तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर शेख के मैदान से पीछे हट गया था। इस पुनर्मतदान के परिणाम आने से पहले, तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक चुनौतीपूर्ण पोस्ट साझा की थी। उन्होंने दावा किया था कि बंगाल विरोधी गुजरात गैंग अगले 10 जन्मों में भी उनके डायमंड हार्बर मॉडल पर एक मामूली खरोंच तक नहीं लगा पाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कटाक्ष किया कि तृणमूल का डायमंड हार्बर मॉडल अब असल में तृणमूल का हार-बार (हर बार हारने वाला) मॉडल बन चुका है।